हरियाणा सरकार का फैसला, संविदा कर्मचारी इस महीने तक अपने पद पर बने रहेंगे
हरियाणा सरकार का फैसला, संविदा कर्मचारी इस महीने तक अपने पद पर बने रहेंगे
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने संविदा कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने उन्हें इस साल 31 दिसंबर तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी है। मुख्य सचिव ने एक आदेश में कहा कि आउटसोर्सिंग पॉलिसी के भाग दो के तहत भर्ती किए गए कर्मचारी 31 दिसंबर 2022 तक या नियमित नियुक्ति होने तक अपने पदों पर बने रहेंगे।

अपने आदेश में हरियाणा सरकार वे कहा कि पिछले साल 28 सितंबर को आउटसोर्सिंग नीति के भाग I और II के तहत सभी नई भर्तियों को रोकने का फैसला किया था। हालांकि, अब इसने नीति के भाग II को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया है। पॉलिसी के भाग II के तहत राज्य सरकार ग्रुप सी और डी के स्वीकृत पदों के खिलाफ अनुबंध के आधार पर लोगों को नियुक्त करती है।
एमबीबीएस छात्रों के लिए दोहराई बांड की शर्त
वहीं सरकार ने दोहराया है कि सत्र 2022-23 के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए केवल उन्हीं उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा जो नवंबर 2020 में शुरू की गई नीति के अनुसार बांड शुल्क जमा करते हैं। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान ने 8 सितंबर को जारी पत्र में 2020-21 और 2021-22 सत्र के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों को नीति के अनुसार बांड राशि या शुल्क जमा करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि 2020 की नीति के अनुसार, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स करने वाले छात्रों द्वारा सालाना 10 लाख रुपये के बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए जाने चाहिए और यह बॉन्ड सरकारी नौकरी पाने के लिए एक शर्त होगी।












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