शुगर मिलों की आर्थिक स्थिति सुधारने में लगी हरियाणा सरकार, नए प्रोजेक्ट कर रही स्थापित

कुरुक्षेत्र, 25 जुलाई। हरियाणा के सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने कहा कि प्रदेश की शुगर मिलों में अलग-अलग प्रोजेक्ट लगाकर राज्य सरकार मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का काम कर रही है। इस योजना से जब शुगर मिलों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी तो गन्ना उत्पादन करने वाले किसानों को समय पर फसल का भुगतान मिलेगा। अहम पहलू यह है कि सरकार ने सभी सहकारी चीनी मिलों के गन्ना उत्पादकों का भुगतान कर दिया है और किसानों के खातों में सीधे पैसे जमा किए गए है। सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल सोमवार को दि शाहबाद सहकारी चीनी मिल्ज लिमिटेड शाहबाद के 60 केएलपीडी एथेनॉल प्लांट में उत्पादित एथेनॉल विक्रय कार्य के उदघाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल और उनके साथ शुगर फेड के चेयरमैन एवं शाहबाद विधायक रामकरण काला, उपायुक्त मुकुल कुमार, एमडी शुगर मिल राजीव प्रसाद ने एथेनॉल बिक्री कार्य का शुभारंभ करने केे लिए एथेनॉल के ट्रक को हरी झंडी देकर रवाना किया। इसके उपरांत सहकारिता मंत्री डा. बनवारी लाल ने मिल के परिसर में पौधारोपण भी किया।

Haryana govt trying to make sugar mills economic condition better

सहकारिता मंत्री ने कहा कि सरकार सहकारी चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए मिलों में नए प्रोजेक्ट स्थापित कर रही है। इसकी पहल पलवल, जींद, सोनीपत और कैथल शुगर मिलों से शुरू कर दी गई है। इसके अलावा पलवल, कैथल और महम शुगर मिलों में गुड़ और शक्कर बनाने का काम भी शुरु किया गया है तथा रोहतक शुगर मिल में रिफाइंड शुगर भी बनाना शुरू किया है। इससे मिलों को आय होगी और किसानों को गन्ने की फसल का जल्द भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ने की फसल के सभी उत्पादकों की फसलों का भुगतान कर दिया है, किसी किसान की गन्ने की फसल से संबंधित कोई भी बकाया राशि नहीं है।

इस विषय को जहन में रखते हुए सरकार ने 265 करोड़ रुपए के इनसिक्योर लोन का भी प्रावधान किया ताकि किसानों को फसलों का भुगतान समय पर किया जा सके। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेशानुसार मिलों में लगातार सुधार किया जा रहा है और रिकवरी रेट को बढ़ाने के लिए नई-नई वैरायटी का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शाहबाद सहकारी चीनी मिल भारत की सर्वोत्तम चीनी मिलों से एक मिल है। इस मिल ने पिछले पिराई सत्र 2021-22 में 73.15 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 7.39 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। इस मिल में चीनी की रिकवरी 10.10 फीसदी रही और 4.76 करोड़ यूनिट की बिजली निर्यात करके 19.24 करोड़ रुपए की आय अर्जित की है। उन्होंने कहा कि मिल द्वारा पिराई सत्र 2022-23 में 80 लाख क्विंटल गन्ना पिराई, 11 फीसदी शुगर रिकवरी, 8.80 लाख क्विंटल चीनी व लगभग 5 करोड़ यूनिट बिजली निर्यात का लक्ष्य रखा है। हरियाणा शुगर फेड के चेयरमैन एवं शाहबाद विधायक रामकरण काला ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में शाहबाद शुगर मिल की गिनती भारत की सर्वोत्तम चीनी मिलों में होती है। यह मिल अब तक 27 बार राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी दक्षता, वित्तीय प्रबंधन व गन्ना विकास में अवार्ड जीत चुकी है तथा मिल द्वारा 6 बार राज्य स्तर पर भी पुरस्कार प्राप्त किया है।

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