611 सरकारी सेवाओं को पीपीपी माध्यम से जनता को मुहैया कराएगी हरियाणा सरकार
हरियाणा में 25 दिसंबर सुशासन दिवस तक 611 सरकारी सेवाओं को परिवार पहचान पत्र के माध्यम से जनता को मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है।
चंडीगढ़, 2 नवंबर। हरियाणा में 25 दिसंबर सुशासन दिवस तक 611 सरकारी सेवाओं को परिवार पहचान पत्र के माध्यम से जनता को मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया है। लाभार्थी की सारी जानकारी पहचान पत्र में उपलब्ध होगी। योजनाओं का लाभ सरल केंद्र, अंत्योदय केंद्र या सामान्य सेवा केंद्र पर जाकर ले सकते हैं। जाति, आयु, आवास, आय प्रमाण पत्र इससे जुड़े होंगे। अभी परिवहन विभाग, स्वास्थ्य, आबकारी एवं कराधान, कृषि, स्वास्थ्य, खेल, बागवानी, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति पीपीपी के साथ नहीं जुड़ पाए हैं। इन विभागों में अनेक केंद्रीय योजनाएं लागू हैं। जिन्हें इसके साथ जोड़ने में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर किया जा रहा है।

साइबर हेल्पडेस्क और पुलिस स्टेशन ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन और सोशल मीडिया एप के लिए इंटरनेट के उपयोग में बढ़ोतरी से साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं। इन पर नियंत्रण के लिए साइबर अपराधों की शिकायतों को दर्ज करने के लिए पुलिस थानों में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। इससे समय पर जांच सुनिश्चित होगी। साइबर अपराधों की जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए अगले एक वर्ष की अवधि में सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से साइबर अपराध पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। पुलिस विभाग ने पांच पुलिस रेंज मुख्यालयों और गुरुग्राम, फरीदाबाद व पंचकूला स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालयों में साइबर अपराध पुलिस स्टेशन स्थापित कर दिए हैं।
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32464 पुलिस कर्मी मानसिक दबाव से बचाए जाएंगे प्रदेश सरकार पुलिस कर्मचारियों की दो साल में एक बार स्वास्थ्य जांच कराएगी। यह योजना 1 जनवरी 2022 से लागू होगी। इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना से 32464 पुलिस कर्मचारियों (कुल बल का 62 प्रतिशत) के लाभान्वित होने की उम्मीद है। जांच से गंभीर स्वास्थ्य बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगेगा और इलाज करने में मदद मिलेगी। इससे पुलिस बल के स्वास्थ्य, फिटनेस और मनोबल को बढ़ावा मिलेगा। यह जांच सरकारी अस्पतालों या एजेंसी के जरिये होगी। कर्मचारियों को मानसिक तनाव से बचाकर स्वस्थ्य रखना भी इसका उद्देश्य है। चिकित्सा जांच का सारा खर्च सरकार वहन करेगी। कानून-व्यवस्था कायम रखने के साथ-साथ पुलिस कर्मचारियों के कंधों पर अपराध पर अंकुश लगाने का भी दायित्व रहता है। लंबे समय तक परिवार से दूर रहने पर मानसिक दबाव बढ़ जाता है।
रजिस्ट्री का भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए बड़ा कदम 70 एसडीएम और 22 सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्येक जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त व संपत्ति के हस्तांतरण की रजिस्ट्री कर सकेंगे। उन्हें उप-पंजीयक और संयुक्त उप-पंजीयक नामित किया गया है। सरकार ने रजिस्ट्रियों में होने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया है। तहसीलदार और नायब-तहसीलदार भी संयुक्त उप-पंजीयक बने रहेंगे। मुख्यमंत्री के पास ऊपर से नीचे तक रजिस्ट्रियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें पहुंची हैं। इस निर्णय से तहसीलों में भीड़ कम होगी और भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों का एकाधिपत्य भी टूटेगा। जिले के किसी भी एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के पास रजिस्ट्री करा सकेंगे।
हरियाणा पंचायत संरक्षक योजना प्रथम श्रेणी अधिकारी एक-एक पंचायत गोद लेंगे। प्रदेश में कुल 6227 पंचायत हैं। वे ग्राम पंचायत संरक्षक की भूमिका में रहेंगे। इसका उद्देश्य गांव में सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की सघन समीक्षा और ग्रामीणों के कल्याण से संबंधित मुद्दों की बेहतर समझ विकसित करना है। प्रत्येक संरक्षक सौंपी गई ग्राम पंचायत का दौरा करेगा और संबंधित ब्लॉक एवं विकास अधिकारी को सूचित कर तीन महीने में कम से कम एक बार ग्रामीणों से विचार-विमर्श करेगा। योजनाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दों और पंचायत के सामाजिक-आर्थिक विकास के सुझावों पर रिपोर्ट तैयार कर योजना शुरू होने के एक महीने के भीतर सरकार के पोर्टल www.intrahrygov.in पर डालनी होगी। अधिकारी ग्रामीणों के कल्याण से संबंधित मुद्दों की निगरानी करेंगे। हरियाणा पंचायत संरक्षक योजना, 2021 के लिए मानव संसाधन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। संरक्षक ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के लाभों के बारे में भी बताएंगे।
भुगतान लेट होने पर ठेकेदारों को मिलेगा ब्याज पेपरलेस, फेसलेस और पारदर्शी व्यवस्था के लिए हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल https://works.haryana.gov.in शुरू हो गया है। सरकारी कामों में इंजीनियरिंग से जुड़े ठेके लेने वालों की सरकार के पास अनेक शिकायतें आई थीं। इसे देखते हुए यह कदम उठाया है। अब ठेके ऑनलाइन ही मिलेंगे। पोर्टल पर 4600 ठेकेदारों ने पंजीकरण कराया है। इनके कामों का पूरा डाटा जल्द ऑनलाइन हो जाएगा। भुगतान ऑनलाइन ही होगा। किसी की अदायगी 30 दिन से लेट होती है तो ब्याज भी मिलेगा। अच्छे ठेकेदारों को छूट मिलेंगी। इसका उद्देश्य लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी और शहरी स्थानीय निकाय के इंजीनियरिंग कार्यों में काम करने के इच्छुक ठेकेदारों को ईज ऑफ डुइंग बिजनेस की सुविधा प्रदान करना है। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए उन्हें बयाना जमा राशि (ईएमडी) से छूट दी जाएगी।
31 से साढ़े 29 लाख घरों में लगे नल प्रदेश सरकार 25 दिसंबर तक हर घर में नल से जल पहुंचा देगी। सिंचाई व जल शक्ति विभाग ने यह लक्ष्य रखा है। प्रदेश के 31 लाख घरों में से साढ़े 29 लाख में नल से जल पहुंच चुका है। 4 जिलों में नल लगाने की प्रक्रिया चल रही है। 18 जिलों में काम पूरा हो चुका। सभी घरों में नल लगने पर पंचायतों को रखरखाव का जिम्मा सौंपा जाएगा। 6803 कुल गांव प्रदेश में हैं, जिनमें से 6156 में पीने का पानी नल से दिया जा रहा है। अभी 50 लीटर प्रति व्यक्ति पानी ग्रामीण क्षेत्रों में मिल रहा है, जिसे 65 लीटर प्रति व्यक्ति मुहैया कराने की योजना है। शहरी क्षेत्र में 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी सरकार मुहैया कराएगी। 20 से 25 घरों वाली ढाणियों में भी नल लगाए जाएंगे। 15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2024 तक गांवों के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी।












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