महिला-बच्चों के खिलाफ हुए अपराधों पर सख्त हुई हरियाणा सरकार, कहा- दोषियों को नहीं मिलेगी सरकारी सुविधा
Haryana News: महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के आरोपियों के खिलाफ हरियाणा सरकार ने सख्त कदम उठाया है। खट्टर सरकार की और से इस मामले के आरोपियों को उनसे सामाजिक पैंशन, छात्रवृत्ति और हथियार लाइसैंस सहित सभी सरकारी सुविधाएं वापस लेने का फैसला किया है।
इन अपराधों में बलात्कार, बलात्कार का प्रयास, यौन उत्पीड़न, निर्वस्त्र करना, पीछा करना, छेड़छाड़, तस्करी और शोषण और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम के तहत कोई भी धारा शामिल है। सरकार के एक ऑफिसर ने बताया कि सरकार इसके लिए नया डोमेन hrycrime-wc-gov.com पायलट आधार पर पंचकूला जिले से शुरू करने जा रही है।

आने वाले समय में इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बलात्कार, बलात्कार का प्रयास, यौन उत्पीड़न, निर्वस्त्र करना, पीछा करना, छेड़छाड़, तस्करी, शोषण और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत किसी भी धारा सहित महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए आरोपी सरकारी सुविधाएं खो देंगे।
आंकड़ों के आधार पर, सामाजिक न्याय, अधिकारिता, एससी और बीसी कल्याण और अंत्योदय (सेवा) विभाग पैंशन सहित अन्य लाभों को तुरंत निलंबित कर देंगे। इसी प्रकार, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग आरोपियों की छात्रवृत्ति को निलंबित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
इसके अलावा, जिला वकील आरोपपत्रित व्यक्तियों का डेटा अपलोड करेंगे, जिसके बाद संबंधित डीसी आरोपियों के हथियार लाइसैंस निलंबित कर देंगे। सरकार के सूत्रों ने कहा कि जिन आरोपियों के खिलाफ महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के लिए अदालत में आरोप तय किए गए हैं, उनका डाटा पुलिस और अभियोजन सहित विभिन्न हितधारक विभागों से डोमेन पर डाला जाएगा। संबंधित विभाग समय-समय पर डाटा की निगरानी और समीक्षा करेंगे और आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होने के तुरंत बाद सरकारी सुविधाएं निलंबित कर देंगे।












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