अब गुरु तेग बहादुर के नाम से पहचाना जाएगा ऐतिहासिक नगरी पानीपत का सबसे बड़ा ग्राउंड
पानीपत. सीएम मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाशोत्सव पर विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ गुरु के कार्यों को याद किया बल्कि उनके नाम को अमर रखने के लिए कुछ घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि पानीपत के सबसे बड़े ग्राउंड का नाम गुरु तेग बहादुर के नाम पर रखा जाएगा. यह ग्राउंड 25 एकड़ में फैला है और यह नेशनल हाईवे के नजदीक है.

सीएम खट्टर ने 9वें सिख गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाशोत्सव पर सेक्टर 13-14 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि अब से ग्राउंड का नाम गुरु के नाम पर होगा. इस मौके पर उनका कहना था कि गुरु ने समाज और देश के विकास के लिए अपने प्राण दिए. इसके अलावा खट्टर ने कहा कि यमुनानगर जिले के पंजूपुर गांव में बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज का नाम भी गुरु तेग बहादुर के नाम पर होगा. यह मेडिकल कॉलेज 60 एकड़ से अधिक क्षेत्र में बन रह है.
बता दें कि गुरु तेग बहादुर का हरियाणा से विशेष संबंध रहा है. जब गुरु प्रथम गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और सिद्धान्तों के प्रचार के लिए पूर्व दिशा में गए तो कुरुक्षेत्र, झिंवरहेड़ी (यमुनानगर) आदि स्थलों पर भी गए. इसके बाद गुरु तेग बहादुर अपना बलिदान देने तलवंडी साबो के गुरुद्वारा दमदमा साहिब से चले और धमतान साहिब (जींद), जींद, लाखनमाजारा (रोहतक) होते हुए आगरा पहुंचे, जहां उनको गिरफ्तार कर पिंजरे में दिल्ली लाया गया.
गुरुद्वारा शीशगंज के चांदनी चौक में उन्होंने अपना बलिदान दिया. जब उनके कटे हुए शीश को लेकर आनंदपुर साहिब लाया जा रहा था तो रास्ते में बढ़ खालसा (सोनीपत) के एक अनुयायी ने अपना शीश काटकर पीछा करती हुई मुगल फौज को दिया और गुरुजी के शीश का उनके सुपुत्र श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में अंतिम संस्कार किया.












Click it and Unblock the Notifications