हरियाणा के गरीब स्टूडेंट की फीस भरेगी सरकार, CM खट्टर का बड़ा फैसला
हरियाणा में पैसे के अभाव के कारण अब कोई भी गरीब स्टूडेंट हायर एजुकेशन से वंचित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय ऐसे बच्चों की परिवार पहचान पत्र के डाटा से वार्षिक आय की श्रेणी निर्धारित करेगा।
सरकार ऐसे गरीब बच्चों की फीस खुद भरेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिनके पास वित्त विभाग का प्रभार भी है, की अध्यक्षता में हुई स्थायी फाइनेंस कमेटी (C) की मीटिंग में लिया।

100 करोड़ की जारी की ग्रांट
मीटिंग में खेल विश्वविद्यालय हरियाणा, राई, सोनीपत के भवन व अन्य निर्माण कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए की ग्रांट जारी करने की स्वीकृति सीएम ने दी। मुख्यमंत्री ने अपने वर्ष 2023-2024 के बजट अभिभाषण में राई, सोनीपत में स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट, स्पोर्ट्स पोषण और खेल शिक्षा जैसे खेलों से संबंधित विभिन्न विषयों में रिसर्च और स्टडी को बढ़ावा देने के लिए 'हरियाणा खेल विश्वविद्यालय' स्थापित करने का निर्णय लेने की जानकारी सदन को दी थी।
सीएम ने अपनी घोषणा में कहा था कि खेल विश्वविद्यालय वर्ष 2023-24 में काम करना शुरू कर देगा। इसी कड़ी में अपने वायदे को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के लिए स्थायी वित्त समिति (C) में 100 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की जिसमें 50 करोड़ रुपए ऋण के रूप में अनुदान तथा 50 करोड़ रुपए ग्रांट इन ऐड के रूप में शामिल हैं।
तीन स्टैप में खर्च होगा पैसा
मीटिंग में विश्वविद्यालय के कुलपति एसएस देसवाल ने बताया कि हरियाणा खेल विश्वविद्यालय 254 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा रहा है। 100 करोड़ रुपए, 2024-25 में 230 करोड़ रुपए, 2025-26 में 200 करोड़ रुपए तथा 2026-27 में 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कुल 630 करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव है।
पीएचडी की होंगी 5 सीटें
विश्वविद्यालय में खेल विज्ञान में पीएचडी, एमएसई, बीएसई के नियमित कोर्स होंगे। इसके अलावा 50 सीटों पर 42 दिन का फिटनेस सर्टिफिकेट कोर्स भी आरंभ करने का प्रस्ताव है। एमएसई की 20, बीएसई की 50, पीएचडी की 5 सीटें होंगी। हरियाणा के युवा सेना, अर्ध-सैनिक बल व पुलिस में भर्ती होने के लिए व शारीरिक तौर पर तैयारी करने के लिए विश्वविद्यालय कम पैसे में कोर्स करवाएगा।












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