श्रावस्ती के पूर्व विधायक रमजान ने छोड़ा सपा का साथ, थामा कांग्रेस का हाथ
नई दिल्ली, 08 फरवरी 2022: श्रावस्ती के कद्दावर सपा नेता पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद रमजान ने पार्टी को अलविदा कह दिया है। अब वे अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस के हाथ के सहारे करेंगे। श्रावस्ती विधानसभा से टिकट न मिलने से नाराज रमजान मंगलवार को कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन करेंगे।

वर्ष 1992 में सपा के साथ जुड़कर राजनीति की शुरुआत करने वाले मोहम्मद रमजान 30 वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ पार्टी से जुड़े रहे। इस दौरान वे सपा के टिकट पर एमएलसी व विधायक रहे। पार्टी में उनकी गणना मुलायम सिंह यादव व आजम खां के करीबियों में होती थी। वर्ष 2012 से 2017 तक विधायक रहे रमजान 2017 के चुनाव में भाजपा के प्रचंड लहर में मामूली मतों से चुनाव हार गए थे। वर्ष 2022 के चुनाव वे 290, श्रावस्ती की सीट से सपा के टिकट के प्रबल दावेदार माने जाते थे।
टिकट वितरण में इस सीट पट सपा ने बसपा से बगावत कर पार्टी में शामिल हुए मुहम्मद असलम राइनी को उम्मीदवार बना दिया। रमजान को बहराइच के मटेरा सीट से टिकट दिया गया था। इस सीट से चुनाव लड़ने से मना करते हुए उन्होंने श्रावस्ती से ही टिकट की मांग की, सपा ने उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया। सबकुछ खामोशी के साथ चल रहा था, लेकिन सोमवार को समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल होकर मोहम्मद रमजान ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी। रमजान का यह दांव फिलहाल भारी पड़ता दिख रहा है।
आज करेंगे नामांकन
कांग्रेस ने श्रावस्ती विधानसभा से ज्योती वर्मा को उम्मीदवार बनाया था। सोमवार को उन्होंने अपना नामांकन भी कर दिया, लेकिन रामजान के पार्टी में शामिल होने के बाद इस सीट से उनका चुनाव लड़ना तय हो गया है। ऐसे में यहां कांग्रेस का उम्मीदवार बदल जायेगा। मंगलवार को मुहम्मद रमजान कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर इस सीट के लिए नामांकन करेंगे।
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