निवेशकों के लिए हरियाणा बना पहली पसंद: दुष्यंत चौटाला
Haryana News: डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि आज हरियाणा निवेशकों के लिए पहली पसंद बन गया है। इसलिए देश और विदेश की अनेक कंपनियां हरियाणा में अपना नया उद्योग स्थापित कर रही है। डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की है, जिनमें 15 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
दरअसल, हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने यह बात सिरसा में 'सब्सिडी फॉर मैनिफैक्चरर इन हरियाणा' पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उद्योगों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पानी, सड़कें, स्टॉप ड्यूटी में छूट इत्यादि पर विशेष जोर दिया है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार की योजना के अनुसार अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों में 75 प्रतिशत कर्मचारी हरियाणा के लगाती है तो उस कंपनी को हरियाणवी कर्मचारी के वेतन का 48 हजार रुपए प्रति वर्ष हरियाणा सरकार देगी। उन्होंने आगे कहा कि स्टॉर्टअप इंडिया शुरु होने के बाद नए लघु उद्योगों को बढ़ावा मिला है।
इसी प्रकार हरियाणा में लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई के माध्यम से अनेक नई स्कीम शुरु की है। उन्होंने कहा कि 'सब्सिडी फॉर मैनिफैक्चरर इन हरियाणा' पुस्तक में एमएसएमई विभाग द्वारा लघु उद्योग शुरु करने के लिए दी जाने वाली सभी प्रकार की सुविधाओं व योजनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह पुस्तक युवा उद्यमियों को उद्योग के क्षेत्र में अग्रसर करने के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदूषण कंट्रोल डिवाइस लगाकर उद्योगपति 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार से प्राप्त करें। इसके साथ ही इस पुस्तक में आयकर, जीएसटी, ईपीएस, ईएसआई, हरियाणा आत्मनिर्भर स्कीम, एमएसएमई समाधान स्कीम, आयकर संबंधी सरकारी योजनाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है। इससे पहले हरियाणा के डिप्टी सीएम ने चौ.देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में यूआईटीडीसी सेंटर का शुभारंभ करके विद्यार्थियों को सौगात दी।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वर्तमान समय टेक्नोलॉजी का है और सीडीएलयू कैंपस प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में पूरी तरह निपुण बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का अत्याधुनिक आईटी सेंटर स्थापित करने वाली सीडीएलयू प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी से निकलने वाले नए आईडिया ही विश्वविद्यालय का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देकर भी विश्वविद्यालय आत्मनिर्भर बन सकते हैं और युवाओं की ऊर्जा को चैनेलाइज करके राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं।












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