आंध्र प्रदेश: श्रीकाकुलम में कार्यकर्ताओं में असंतोष, वाईएसआरसी के मिशन 2024 के लिए खतरा
वाईएसआरसी नेतृत्व ने 2024 चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही पार्टी ने 'Why not 175' का नारा दिया। हालांकि श्रीकाकुलम जिले के कई मौजूदा विधायकों को कार्यकर्ताओं के असंतोष का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पार्टी की जीत की संभावनाएं बाधित हो सकती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एचेरला और पाठपट्टनम विधायकों को दूसरे पायदान के कैडर से विद्रोह का सामना करना पड़ रहा है। दोनों खंडों के असंतुष्टों ने उनके खिलाफ 'विधायक वड्डू - जगन मुद्दू' ( 'MLA Vaddu - Jagan Muddu' ) के नारे के साथ प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

वहीं दूसरी ओर नेताओं के बीच आंतरिक कलह ने टेक्कली और इच्छापुरम में पार्टी कार्यकर्ताओं को दुविधा में डाल दिया। हालांकि वाईएसआरसी आलाकमान ने दो सीटों पर स्पष्टता दे दी है, लेकिन टिकट के दावेदारों के बीच लड़ाई जारी है।
राजम विधायक कंबाला जोगुलु को सत्ता विरोधी लहर के अलावा कार्यकर्ताओं की भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अमादलवलसा विधायक और विधानसभा अध्यक्ष तम्मीनेनी सीताराम को भी भारी असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। कापू समुदाय से आने वाले एचेरला विधायक गोर्ले किरण कुमार को भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
वाईएसआरसी के वरिष्ठ नेता जैसे एचेर्ला के गरुगुबिली शंकर राव, रानास्टालम के पायडी श्रीनू, लावेरू के लुकालापु अप्पलानायडू और जी सिगदाम के अबोथुला जगन्नादाम उनकी उम्मीदवारी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने 5,000 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एचेरला में 'एमएलए वड्डू-जगन मुद्दू' नारे के साथ विरोध प्रदर्शन किया।












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