डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाये भाजपा सरकार: संजय सिंह
लखनऊ, 8 नवंबर। महंगाई कम करने का तरीका, भाजपा ने खुद ही बता दिया है। महंगाई से मुक्ति चाहिए तो भाजपा की जमानत जब्त कराओ। आप के यूपी प्रभारी राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदेश कार्यालय पर सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह के साथ पत्रकार वार्ता में पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर यह कहकर कटाक्ष किया। कीमतों में कमी को नाकाफी बताते हुए संजय सिंह ने पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग भी की। कहा, पेट्रोल-डीजल के नाम पर देश की जनता से 23 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने वसूले।

संजय सिंह ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार में आते ही पेट्रोल डीजल की कीमतों से केंद्र का नियंत्रण समाप्त करके यह व्यवस्था बनाई गई थी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटने बढ़ने के सापेक्ष पेट्रोल डीजल के मूल्य निर्धारित होंगे। इसके बाद भी नरेंद्र मोदी की सरकार ने 7 साल में एक बार भी देश की जनता को राहत नहीं दी। मोदी जब सत्ता में आए थे तब कच्चे तेल की कीमत $105 प्रति बैरल थी जो कि आज $85 प्रति बैरल के आसपास है। कोरोना काल में तो या ₹19 प्रति बैरल पहुंच गई थी। सरकार ने जो व्यवस्था बनाई थी 7 साल में उस पर एक बार भी अमल नहीं किया। वरना पेट्रोल की कीमत आज ₹50 और डीजल का मूल्य ₹40-45 के आस पास होता।
संजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोलते हुए स्टालिन की कहानी सुनाई। कहा- स्टालिन ने मुर्गे के पंख नोचने के बाद उसके आगे अनाज के दाने फेंके थे तो वह सब भूलकर दाने खाने में लग गया था, उसी तरह से आज भाजपा ने महंगाई से लोगों की खाल नोच ली है और अब पेट्रोल डीजल के दाम कुछ रुपये कम करके जनता के आगे दाना फेंकने का काम कर रही है
संजय सिंह ने कहा कि 1 साल में केंद्र सरकार ने पेट्रोल के ऊपर 28 और डीजल के ऊपर करीब ₹26 का टैक्स लगाया है। पेट्रोल-डीजल से सरकार ने देश की जनता से 23 लाख करोड़ रुपये का मुनाफा वसूला है। आम जनता पर महंगाई ठोकने में जुटी यह सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमत का शतक पूरा कर चुकी है, जबकि एशिया में कई हमारे पड़ोसी देशों में इसकी कीमत भारत की तुलना में आधे से भी कम है। हम विभिन्न मंचों पर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग उठा चुके हैं। ऐसा होता तो इस पर एक निश्चित टैक्स लगता है और कीमतें नियंत्रित रहतीं। संजय सिंह ने कहा कि पहली बार जमानत जब्त होने के बाद सरकार ने पेट्रोल डीजल के दाम कम किए हैं। भाजपा ने खुद ही बता दिया है कि अगर महंगाई से मुक्ति चाहिए तो उसकी जमानत जब्त कराओ। जनता ऐसा करने को तैयार बैठी है।
बच्चों के जूता, मोजा, स्वेटर, बैग और ड्रेस पर धनराशि को बढ़ाकर 3000 रु करे योगी सरकार
संजय सिंह ने कहा कि जूता मोजा स्वेटर खरीद के लिए स्कूली बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1100-1100 भेजकर योगी जी अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। पहले तो यह कोई नई योजना नहीं। पहले से व्यवस्था है कि सरकार प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल के बच्चों को जूता मोजा सेंटर ड्रेस और बस्ता खरीद कर देती है। कोरोना के समय कस्तूरबा गांधी विद्यालय बंद होने पर बच्चियों के स्टेशनरी और खाने के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार करने वाली यह सरकार अब अभिभावकों के खाते में सीधे रुपये भेज कर अपना प्रचार करने में जुटी है। आम आदमी पार्टी की तरफ से बेसिक शिक्षा मंत्री को एक ग्यारह ₹1100 का चेक भेजा जाएगा। उनसे और मुख्यमंत्री जी से कहा जाएगा कि 1100 में आठवीं के किसी बच्चे का जूता मोजा, स्वेटर, बस्ता और दो ड्रेस खरीद कर दिखा दें। मुख्यमंत्री जी इस तरह किसी की गरीबी का मजाक ना बनाएं। अगर आपकी नीयत ठीक है तो इस धनराशि को बढ़ाकर ₹3000 करें।












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