छत्तीसगढ़: रोजगार के लिए सरकार नए सेक्टर में निवेश को कर रही प्रोत्साहित, जानिए पूरा प्लान
रायपुर, 17 फरवरी: छत्तीसगढ़ में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए सरकार नए सेक्टर में निवेश को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 2019-2024 में नए सेक्टर को शामिल किया गया है। एमएसएमई सेवा श्रेणी उद्यमों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, सेवा केंद्र, बीपीओ, 3-डी प्रिंटिंग, बीज ग्रेडिंग सहित 16 सेवाओं के लिए सामान्य श्रेणी के उद्योगों की भांति औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

हो रहे अभिनव प्रयास
प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, वानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन) के लिए अभिनव प्रयास हो रहे हैं। वहीं, सेवा क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने के लिए भी पहल हो रही है। इसके लिए पर्यटन के अलावा अन्य कार्यों पर भी फोकस किया जा रहा है। कोरोना संकटकाल के दौरान मेडिकल उपकरणों और कई अन्य चिकित्सा व स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी सामग्री स्थानीय स्तर पर ही बनाए जाने संभावना की तलाश की जा रही है।
सेवा क्षेत्र को प्राथमिकता
उद्योग विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि नई औद्योगिक नीति में फूड, एथेनाल, इलेक्ट्रानिक्स, डिफेंस, दवा, सोलर जैसे नए उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है। अब सरकार सेवा क्षेत्र को प्रोत्साहित करने कर प्रयास कर रही है। नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाओं, कृषि उत्पादक समूहों, तृतीय लिंग के लोगों के लिए विशेष पैकेज हैं।
ओबीसी के 10 फीसद औद्योगिक भूमि
पहले की औद्योगिक नीति में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए कोई प्रविधान नहीं था। सरकार ने ओबीसी वर्ग के लिए 10 प्रतिशत भूखंड आरक्षित करने का निर्णय किया है। भूमि आवंटन भू-प्रब्याजी में 30 प्रतिशत और भू-भाटक में 33 प्रतिशत की कमी की गई है। औद्योगिक क्षेत्रों एवं औद्योगिक क्षेत्रों से बाहर 10 एकड़ तक आवंटित भूमि को लीज होल्ड से फ्री होल्ड किए जाने के लिए नियम तैयार किए गए हैं।
तीन साल में साढ़े 19 हजार करोड़ से अधिक का निवेश
प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में एक हजार 715 नए उद्योग स्थापित हुए। इनमें 19 हजार 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ तथा 33 हजार लोगों को रोजगार मिला। इसके अलावा 149 एमओयू भी किए गए हैं। इनमें 74 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और 90 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। बायो एथेनाल प्लांट लगाने के लिए 18 निवेशकों के साथ तीन हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए एमओयू किया गया है। इसमें दो हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
स्वावलंबी युवा की नीति पर चल रही सरकार
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में उद्यमिता विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। सभी वर्ग के लोग इन अवसरों का लाभ उठाएं, बड़े पैमाने पर स्वयं भी स्वावलंबी बनें और कई लोगों को रोजगार देने का माध्यम भी बनें। प्रदेश के विकासखंडों में फूड पार्क की स्थापना के लिए 110 स्थान का चयन किया गया है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।












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