CM Khattar की युवा वकीलों से अपील, सत्य और ईमानदारी के साथ करें काम
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंजाब विश्विद्यालय, चंडीगढ़ में अयोजित विधिज्ञ परिषद राष्ट्रीय वैधानिक संगोष्ठी -2022 में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए युवा वकीलों का आह्वान किया कि वे समाज की भलाई के लिए सत्य और ईमानदारी के साथ न्याय के लिए कार्य करें और न्यायिक प्रणाली के साथ - साथ समस्याओं के समाधान के अन्य माध्यमों पर भी आगे बढ़ें।

युवा वकीलः वैधानिक बाधाओं पर विजय प्राप्ति विषय पर आयोजित संगोष्ठी का आयोजन पंजाब एवं हरियाणा विधिज्ञ परिषद द्वारा करवाया गया था। संगोष्ठी में सर्वाच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री कृष्ण मुरारी, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रवि शंकर झा, हरियाणा के महाधिवक्ता श्री बलदेव राज महाजन, बार काउंसिल के चेयरमैन श्री सुविर सिद्धू, पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार सहित अन्य न्यायाधीश और बार काउंसिल के सदस्य मौजूद थे।
मनोहर लाल ने कहा कि अनादिकाल से लेकर आज भी समाज का न्यायिक प्रणाली पर भरोसा बना हुआ है, क्योंकि उन्हें पता है कि अगर उनके साथ कुछ गलत होगा तो न्यायिक प्रणाली से उसे न्याय अवश्य मिलेगा। इसलिए न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के 3 मुख्य स्तंभ विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका है। विधायिका, जो कि कानून बनाने का काम करती है। जनता द्वारा चुने गए व्यक्ति विधायिका के रूप में कानूनों का निर्माण करते हैं। विधायिका द्वारा बनाए गए कानून को लोगों तक पहुँचाना व कानून को बरकरार रखना कार्यपालिका का काम होता है। इसी प्रकार, न्यायपालिका का कार्य कानूनों की व्याख्या करना व कानून का उल्लंघन होने पर सज़ा का प्रावधान करना होता है। इन 3 स्तंभों के कारण ही न्यायिक प्रणाली मजबूत बनी हुई है।












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