'महिला आरक्षण बिल केंद्र का सरहानीय कदम', PM मोदी को सीएम खट्टर ने दी बधाई
संसद विशेष सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने दूसरे दिन महिला आरक्षण बिल पेश किया, जिसका समूचे विपक्ष ने स्वागत किया है। कांग्रेस समेत आईएनडीएआई गंठबंन सभी दलों के अलावा अन्य दलों ने भी इस बिल सहमति दी है। इस ऐतिहासिक बिल पर केंद्र को राज्यों से भी बधाई मिल रही है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि हम लोगों ने जब से स्थानीय स्तर पर स्थानीय निकाय में महिलाओं को 50% का प्रतिनिधित्व दिया था तब से चर्चा होती थी कि लोकसभा, विधानसभा में यह कब होगा। अब केंद्र से ये बिल पेश करके एक सराहनीय कार्य किया है।
केंद्र सरकार की ओर मंगलवार (19 सितंबर) संसद के विशेष सत्र में पेश किए गए महिला आरक्षण बिल पर हरियाणा CM मनोहर लाल खट्टर ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से पीएम मोदी को बधाई दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, "मैं इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देता हूं, मैं उनकी सराहना करता हूं। हम लोगों ने जब से स्थानीय स्तर पर स्थानीय निकाय में महिलाओं को 50% का प्रतिनिधित्व दिया था तब से चर्चा होती थी कि लोकसभा, विधानसभा में यह कब होगा। अब यह बिल पेश हुआ है, यह एक सराहनीय कदम है।"

बिल का स्वागत करते हुए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती केंद्र का एक बड़ा कदम बतया। मुफ्ती ने 'एक्स' पर लिखा कि पुरुषों के वर्चस्व वाले कठिन राजनीतिक क्षेत्र में अपनी जगह बनाने के बाद मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि आखिरकार महिला आरक्षण विधेयक एक वास्तविकता बन जाएगा। आधी आबादी होने के बावजूद हमारा प्रतिनिधित्व बेहद कम है। यह एक बड़ा कदम है।
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हमने महिला आरक्षण विधेयक का हमेशा से समर्थन किया है। साल 2010 में राज्यसभा में कांग्रेस-यूपीए सरकार ने महिला आरक्षण बिल पास करवाया था। मोदी सरकार के लाए गए विधेयक को गौर से देखने की जरूरत है। खड़गे ने सवाल उठाया कि विधेयक के मौजूदा प्रारूप में लिखा है कि ये जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू किया जाएगा। इसका मतलब मोदी सरकार ने शायद 2029 तक महिला आरक्षण के दरवाजे बंद कर दिए हैं। बीजेपी को इस पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।












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