केटीआर ने कहा, 'SCB के केवल समस्याग्रस्त हिस्सों का GHMC में विलय चाहता है केंद्र'
अपने आरोपों में केटीआर ने कहा, 'सिकंदराबाद छावनी बोर्ड उन कॉलोनियों को छोड़ना चाहता है, जिनमें समस्याएं हैं- जैसे कि हमें ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के लिए नालों और जल निकासी का निर्माण करना है।

तेलंगाना के नगरपालिका प्रशासन मंत्री केटी रामाराव ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। केटीआर ने आरोप लगाया कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के साथ सिकंदराबाद छावनी बोर्ड विलय के प्रस्तावित विलय के संबंध में केंद्र काफी चालाकी से अपने पत्ते खेल रहा है, क्योंकि बहुत सी समस्याओं का सामना करने वाले केवल कुछ हिस्सों को ही स्थानीय नागरिक निकाय के साथ विलय किया जाएगा।
अपने आरोपों में केटीआर ने कहा, 'सिकंदराबाद छावनी बोर्ड उन कॉलोनियों को छोड़ना चाहता है, जिनमें समस्याएं हैं- जैसे कि हमें ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के लिए नालों और जल निकासी का निर्माण करना है। और, बोर्ड विकसित जगहों जैसे गोल्फ कोर्स, खूबसूरत इमारतों और अन्य सुविधाओं को अपने पास रखना चाहता है। लेकिन, हम इसमें भी संतुष्ट हैं और हम इसे ले लेंगे।'
उन्होंने कहा कि बात केवल ये थी कि जीएचएमसी के साथ एससीबी के नागरिक क्षेत्रों को विलय करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी क्योंकि इस कदम से राज्य सरकार को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
केटीआर ने आगे कहा, 'हम छावनी में अच्छे स्काईवे बनाना चाहते हैं, लेकिन केंद्र हमें इसकी इजाजत नहीं दे रहा है। हमने कोमपल्ली और शमीरपेट की ओर पीवीएनआर एक्सप्रेसवे पैराडाइज और जेबीएस जैसी सुविधाएं बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए हमें 100 एकड़ जमीन की जरूरत है। हम सात साल से इसका इंतजार कर रहे हैं, फिर भी केंद्र की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।'












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