महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव लड़ेगी BRS, तेलंगाना के सीएम केसीआर ने किया ऐलान
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कंधार लोहा में 'जातिवाद' (जाति) और 'धर्मवाद' (धर्म) को अलग करने और 'किसानवाद' (किसान कल्याण) को बनाए रखने के लिए एक विशाल सभा का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बैठक ही है।

महाराष्ट्र की राजनीति में भारत राष्ट्र समिति के प्रवेश की दिशा तय करते हुए पार्टी अध्यक्ष और तेलंगाना मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को किसानों और दलित समुदाय के विकास के तेलंगाना मॉडल को लागू करने की चुनौती दी।
यह घोषणा करते हुए कि बीआरएस, जो अब राज्य चुनाव आयोग के पास पंजीकृत है, पड़ोसी राज्य में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में हर सीट से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने किसानों और बीआरएस कैडर से पंचायत राज और जिला परिषद में अपनी ताकत दिखाने का आह्वान किया। उन्होंन कहा कि इसके बाद ना केवल राज्य सरकार, बल्कि केंद्र सरकार भी उनकी समस्याओं को हल करने के लिए उनके दरवाजे पर दौड़ी चली आएगी।
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कंधार लोहा में 'जातिवाद' (जाति) और 'धर्मवाद' (धर्म) को अलग करने और 'किसानवाद' (किसान कल्याण) को बनाए रखने के लिए एक विशाल सभा का आह्वान करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बैठक ही है। 5 फरवरी को नांदेड़ के भोकर में बीआरएस ने महाराष्ट्र सरकार को उस फैसले के लिए भी घेरा था, जिसने तब किसानों को 6,000 रुपये प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी की घोषणा करने में जल्दबाजी की थी।
केसीआर ने कहा कि इनपुट सब्सिडी को बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति एकड़ किया जाना चाहिए, जैसा कि तेलंगाना में दिया जा रहा है। इस सहायता की घोषणा पहले क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को हल्के में ले रही है और इसीलिए बीआरएस ने 'अब की बार किसान सरकार' का नारा दिया।'












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