बीकेयू उगराहां का आंदोलन खत्म, भगवंत मान सरकार ने मानी किसानों की मांगें
पंजाब सरकार और भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के बीच बनी तनाव की स्थिति खत्म हो गई है।
पंजाब सरकार और भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के बीच बनी तनाव की स्थिति खत्म हो गई है। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बीकेयू उगराहां की अधिकतर मांगों को स्वीकार कर लिया है। सरकार के इस कदम के मद्देनज़र बीकेयू उगराहां ने अपने आंदोलन को खत्म करने का एलान किया है। पंजाब सरकार ने दावा किया है कि वह फसल खरीद के दौरान किसानों की पूरी मदद करेगी।

मंडी पर फसल खरीद को लेकर भगवंत मान खुद नज़र बनाए हुए हैं। भगवंत मान ने बुधवार को दो से तीन मंडियों का दौरा किया है। भगवंत मान गुरुवार को भी मंडियों में जाकर फसल खरीद का ब्यौरा हासिल कर सकते हैं।
इससे पहले भगवंत मान ने बीकेयू उगराहां के नेताओं को मीटिंग के लिए बुलाया था। अंग्रेजी अखबार द ट्रिब्यून की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार ने किसानों की ज्यादातर मांगों को स्वीकार कर लिया है और वो किसान यूनियनों के साथ अच्छा संबंध बनाकर रखना चाहती है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में हुए आंदोलन का भी समर्थन किया था।
अतिरिक्त मुआवजा देने को तैयार हुआ सरकार
सामने आई जानकारी के मुताबिक मुक्तसर जिले में सरकार फसल के नुकसान पर 50 फीसदी मुआवजा देने के लिए तैयार हो गई है। पंजाब खेत किसान मजदूर यूनियन के नेताओं ने दावा किया था कि किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। इसी मांग को लेकर किसानों ने सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है।
बीकेयू उगराहां के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सरकार 50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए तैयार हो गई है। इसके अलावा किसान मजदूरों को भी सरकार की ओर से पांच करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।












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