ओडिशा में बेरोजगारी को लेकर भाजपा ने सरकार पर बोला हमला, बोली- रंगीन विज्ञापन देने से बेरोजगारी दूर नहीं होगी
लोक सभा और ओडिशा के विधानसभा के चुनाव 2024 में होने वाले है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ओडिशा की बीजद सरकार पर हमलावर मूड में आ चुकी है। तीन केंद्रीय मंत्रियों के बाद ओडिशा के भाजपा नेता सत्यब्रत पांडा ने कहा ओडिशा में बेरोज़गारी चिंताजनक रूप धारण कर रही है।

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा ओडिशा सरकार , रोजगार के बारे में बड़े-बड़े दावों वाले रंगीन विज्ञापनों के सिर्फ पन्ने देने से बेरोजगारी दूर नहीं होगी। उन्होंने सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जुलाई-सितंबर, 2023 में किए गए एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए सेवानिवृत्त कर्मियों को रोजगार देना रोजगार नहीं कहा जाएगा, बल्कि यह राजनीतिक पुनर्वास या निष्ठा का पुरस्कार हो सकता है।
भाजपा नेता ने ओडिशा की पटनायक सरकार को घेरते हुए कहा सरकार इस समस्या पर ध्यान केंद्रित करे। कॉलेज के छात्रों के बीच खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने और उन्हें 6 लाख या 9 लाख रुपये के पुरस्कार देने से उनकी बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं होगा।
भाजपा नेता पांडा ने कहा यह बिल्कुल भी रोजगार नहीं है। राज्य सरकार को यह तथ्य ऐसे समय में जानना चाहिए जब बेरोजगारी की समस्या गंभीर होती जा रही है।
दो दिन पहले सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा प्रकाशित की गई बेरोजगारी पर रिपोर्ट जिसमें कहा गया था कि ओडिशा में बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक है।
उसके आधार पर पांडा ने कहा राष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों में बेरोजगारी 17.3 फीसदी है जबकि ओडिशा के शहरी इलाकों में यह 20.9फीसदी है। भाजपा नेता ने कहा कि महिलाओं के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी 22.9% है जबकि ओडिशा में यह 31.9 फीसदी है। इस बेरोजगारी के बारे में बात करते हुए पांडा ने आरोप लगाया कि ओडिशा में युवाओं को रोजगार के अधिकार से वंचित किया जा रहा है।












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