आंध्र प्रदेश: टीडीपी ने कहा, कौशल विकास परियोजना पर आरोप बेबुनियाद
टीडीपी विधायक और लोक लेखा समिति के अध्यक्ष, पय्यावुला केशव ने घोषणा की कि उनकी पार्टी तथ्यों को सामने लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी।

आंध्र प्रदेश की मुख्य विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने कहा है कि वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार कौशल विकास परियोजना के संबंध में पहले के टीडीपी शासन के खिलाफ आधारहीन आरोप लगा रही है।
टीडीपी विधायक और लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष, पय्यावुला केशव ने घोषणा की कि उनकी पार्टी तथ्यों को सामने लाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी। केशव ने पूछा कि क्या तेदेपा नेताओं के खातों में धन जमा होने का दावा करने वाला अपराध जांच विभाग (सीआईडी) यह विवरण दे सकता है कि किसके खातों में धन जमा किया गया, कब और कहां से।
यह दावा करते हुए कि इस परियोजना का उद्देश्य युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करना था, उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने इसे नष्ट कर दिया और बेशर्मी से टीडीपी के खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं।
केशव ने पूछा, "अगर सीमेंस संगठन कोई गलती करता है तो इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू कैसे जिम्मेदार हैं। उन्होंने जगन सरकार से सवाल किया। "क्या इन सभी छह राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस भ्रष्टाचार के आरोप में भागीदार हैं?"
केशव ने पूछा कि जगन मोहन रेड्डी को सत्ता में आए लगभग चार साल हो चुके हैं और इतने साल वह चुप क्यों हैं और मुख्यमंत्री इस मामले पर कुछ भी तय क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने हैदराबाद शहर को एक आईटी हब में बदल दिया था और विभाजन के बाद वह युवाओं को बेहतर नौकरी के अवसर भी प्रदान करना चाहते थे और इस प्रकार टीडीपी सरकार ने सीमेंस संगठन के साथ एक समझौता किया।












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