अंबाती रामबाबू बोले- नागार्जुन सागर से पानी छोड़ा जाना केवल आंध्र प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए है

आंध्र प्रदेश द्वारा नागार्जुन सागर से 29 नवंबर को पानी छोने जाने के बाद से तेलंगाना द्वारा जमकर विरोध केया गया। नौबत ये आ गई कि बांध पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर सीआरपीएम की तैनाती बढ़ा दी गई। वहीं अब
नागार्जुनसागर से पानी छोड़े जाने का बचाव करते हुए सिंचाई मंत्री अंबाती रामबाबू ने कहा कि इस कदम के पीछे एकमात्र उद्देश्य आंध्र प्रदेश के अधिकारों की रक्षा करना है। मंत्री ने कृष्णा जल बंटवारे के संबंध में कहा कि आंध्र प्रदेश की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत और तेलंगाना की 34 प्रतिशत है।

Ambati Rambabu

इसके साथ ही उन्‍होंने आरोप लगाया कि पिछली चंद्रबाबू नायडू सरकार इसमें विफल रही, जिसके चलते आंध्र प्रदेश ने नागार्जुनसागर पर अधिकार खो दिया क्योंकि उन्होंने 'नोट के बदले वोट' मामले से बाहर आने के लिए आंध्र प्रदेश के अधिकरों को को गिरी रख दिया था।

मीडिया से बात करते हुए उन्‍होंने आरोप लगाया कि चंद्रबाबू नायडू की आरोप लगाते हुए कहा नायडू की अक्षमता के कारण, तेलंगाना सरकार ने बांध के द्वार और बांध स्थल पर कब्जा कर लिया, जिसके परिणामस्वरूप एपी के लोगों को बांध स्थल में प्रवेश करने की अनुमति लेनी पड़ी।

उन्‍होंने कहा वर्ष 2015 में जब तत्कालीन टीडीपी सरकार ने पानी छोड़ने की मांग की, तो तेलंगाना सरकार ने आपत्ति जताई। नागार्जुनसागर से हमारे हिस्से का पानी छोड़ने के लिए तेलंगाना से अनुमति लेने की आवश्यकता कहां है? गुरुवार को सागर से पेयजल के लिए 2,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+