दिल्ली में अगले विधानसभा चुनाव का एजेंडा तय, अरविंद केजरीवाल ने बताया क्या होगा मुद्दा
दिल्ली विधानसभा में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम 2023 को अलोकतांत्रिक तरीके से लागू करने पर चर्चा के दौरान सीएम ने कहा कि इस कदम से भाजपा लोकसभा की सातों सीटों पर हारेगी।
आम आदमी पार्टी (आप) के सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली का अगला चुनाव पूर्ण राज्य के मुद्दे पर होगा। जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के बाद भाजपा अपनी मर्जी से सरकार चलाने के लिए संसद में दिल्ली सेवा कानून लेकर आई। चुनी हुई सरकार के अधिकारों को छीन लिया गया।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि ये चाहे जो कर लें, दिल्ली के काम नहीं रुकेंगे। दिल्ली न हारेगी ना मैं झुकूंगा। हम डटकर मुकाबला करेंगे। काम की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर होगी। हम अधिकारों को लेकर लड़ेंगे जीतेंगे, फिर दोगुनी रफ्तार से काम करूंगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के लोग विदेशों में जाकर जनतंत्र की बात करेंगे। यहां आकर जनतंत्र को कुचलने लगेंगे। दिल्ली में एक कमेटी बनाई है, जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा दो अधिकारी होंगे। यह लोकतंत्र का पता नहीं कौन सा मॉडल है। फिर भी दिल्ली के लोगों से एक ही बात कहना चाहता हूं कि आपने मुझे कुर्सी दी है, मैं आप लोगों की पगड़ी कभी उछलने नहीं दूंगा।
हमने रोका भाजपा का रथ
सदन में केजरीवाल ने कहा कि आज हम केंद्र सरकार द्वारा पारित उस अध्यादेश पर चर्चा कर रहे हैं जिसके जरिए केंद्र ने दिल्ली के लोगों के जनतांत्रिक अधिकारों को पूरी तरह से कुचल दिया। भाजपा शासित केंद्र सरकार आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता, दिल्ली की जनता द्वारा बार-बार नकारे जाने के कारण यह अध्यादेश लेकर आई है। जब देश में मोदी की लहर थी, उस समय 2013 में छोटी सी आम आदमी पार्टी को 28 सीट मिलीं। दिल्ली में 49 दिन की सरकार रही। वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा आ गई। हर राज्य में भाजपा जीत रही थी, लेकिन उसका रथ फरवरी 2015 में दिल्ली की जनता ने रोक दिया था। हमें 70 में 67 सीट मिली और भाजपा को सिर्फ तीन सीट मिली।












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