UP की 200 सड़कें अब बनेंगी हर्बल सड़क, लगेंगे ये औषधीय गुणों वाले पौधे

लखनऊ, 02 जुलाई: यूपी सरकार पौधरोपण को प्रदूषण से मुक्ति के साथ सेहत दुरुस्त करने का भी जरिया बनाने में जुटी हुई है। हरियाली बढ़ाने में उन पौधों का अधिक रोपण होने जा रहा है जो प्राणवायु देने के साथ अपने फल-फूल आदि से हमें आरोग्यदायक औषधियां प्रदान करते हैं। इन औषधीय गुणों वाले पौधों का दायरा सिर्फ घर के अहाते, बाग, जंगल तक सीमित नहीं है बल्कि इसके लिए सरकार 200 सड़कों को हर्बल मार्ग के रूप में भी विकसित कर रही है।

200 roads of Uttar Pradesh will be made herbal road

हर्बल मार्ग बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों की इम्यूनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) को बेहतर करने के साथ-साथ पर्यावरण को शुद्ध रखना है। हर्बल मार्गों को विकसित करने के लिए अलग से कोई धनावंटन निर्गत नहीं किया गया है, बल्कि मौजूद संसाधन से ही जनहित व स्वास्थ्यवर्धन का यह कार्य कराया जा रहा है। हर्बल मार्गों पर विभिन्न औषधीय वृक्षों के होने से वायु प्रदूषण में कमी आयेगी, साथ ही आमजन को औषधि भी प्राप्त होगी।

सहजन पौधे पर खास जोर
लोकनिर्माण विभाग ने हर्बल मार्ग के लिए जिन पौधों का चयन किया है उनमें मासपर्णी, सप्तपर्णी, जत्रोफा (रतनजोत), जल नीम, छोटा नीम, सहजन, मेंथा, लेमन ग्रास, भृंगराज, मुई, आंवला, ब्राह्मी, तुलसी, अनन्तमूल, ग्वारपाठा, अश्वगंधा, हल्दी आदि हैं। अपनी थाती आयुर्वेद में इन सभी पौधों के औषधीय महत्व का जिक्र है। इन औषधीय पौधों में विभाग के साथ सरकार का भी सहजन पर खासा जोर है। सहजन एक ऐसा पौधा है जिसके फूल, फल, पत्ती यानी हर अंग में आरोग्यता प्रदान करने वाले पोषक तत्वों का खजाना है। यह इम्यूनिटी बूस्टर होने के साथ कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए संजीवनी समान है।

प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के लिए 100 करोड़ से अधिक पौधरोपण हुआ
पांच साल में पौधरोपण का रिकार्ड बनाने वाली उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अब नया कीर्तिमान रचने की भी तैयारी कर ली है। उनके पहले कार्यकाल में प्रदेश में हरियाली बढ़ाने के लिए 100 करोड़ से अधिक पौधरोपण हुआ। इसका सकारात्मक नतीजा भी सामने है। स्टेट ऑफ फारेस्ट की रिपोर्ट 2021 के अनुसार उत्तर प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल के 9.23 फीसद हिस्से में वनावरण है। 2013 में यह 8.82 फीसद था। वर्ष 2030 तक सरकार ने इस रकबे को बढ़ाकर 15 फीसद करने का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य पूर्ति के लिए सरकार अगले पांच साल में 175 करोड़ पौधों का रोपण करेगी। इसके तहत इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी हो चुकी है।

26 अन्य विभाग भी इस महाअभियान में लेंगे भाग
पौधरोपण के महाअभियान में वन विभाग के अलावा 26 अन्य विभाग भाग लेंगे। हर विभाग का लक्ष्य पहले से ही निर्धारित है। इस क्रम में सर्वाधिक 12.60 करोड़ और 12.32 करोड़ का लक्ष्य क्रमशः वन एवं ग्राम्य विकास विभाग का है। इसके अलावा कृषि विभाग और उद्यान विभाग का लक्ष्य क्रमशः 2.35 करोड़ एवं 1.55 करोड़ पौधरोपण का है। पौधरोपण अभियान में बरगद, पीपल, पाकड़, नीम के साथ ही बेल, आंवला, आम, कटहल कैथा, जामुन, शरीफा, करौंदा, नींबू, अंजीर, गूलर, महुआ, शहतूत, जंगल जलेबी, अमरूद, अनार, इमली, बेर, किन्नू के पौधों को रोपने को अधिक वरीयता दी जाएगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+