जानिए रक्षाबंधन पर भद्रा काल में क्यों नहीं बांधी जाती है राखी?
बैंगलुरू। इस साल अगस्त को राखी यानी रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जायेगा, पिछले दो सालों की तरह इस साल भी भद्रा लगा है जिसके कारण इस बार राखी भाइयों की कलाई पर दोपहर बाद बांधी जायेगी।
मालवा के ज्योतिर्विद पं. सोमेश्वर जोशी के अनुसार वर्षो बाद इस बार राखी पर अति शुभ स्थिर योग बनने जा रहे हे जिसमे स्थिर सिंह लग्न में सूर्य, गुरु की युक्ति एवं स्थिर शनिवार रक्षाबंधन पर स्थिर रक्षा के योग बना रहा है।
राखी पर तीसरी बार लगा है भद्रा
स्थिर शुभ योग में किसी भी वस्तु का मुहूर्त करेंगे तो वह स्थिर रूप से लाभकारी रहेगी लेकिन गुरु 12 अगस्त से 10 सितम्बर तक अस्त होने के कारण लगातार तीसरे वर्ष इस बार भी राखी पर भद्रा लगा है, जो कि प्रातः 3:26 से दोपहर 1:40 तक रहेगा।
आखिर भद्रा में क्यों नहीं बांधी जाती राखी?
क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर भद्रा में क्यों नहीं राखी बांधी जाती है..नहीं तो चलिए हम बताते हैं... ऐसा कहा जाता है कि सूपनखा मे अपने भाई रावण को भद्रा में राखी बांधी थी, जिसके कारण रावण का विनाश हो गया, यानी कि रावण का अहित हुआ। इस कारण लोग मना करते हैं भद्रा में राखी बांधने को।
इस काल में शिव जी करते हैं तांडव
वैसे कुछ पुराने पुराणों में जिक्र है कि भद्रा के वक्त भगवान शिव तांडव करते हैं और वो काफी गुस्से में होते हैं, ऐसे में अगर उस समय कुछ भी शुभ काम करें तो उसे शिव जी के गुस्से का सामना करना पड़ेगा और अच्छा काम भी बिगड़ जायेगा इसलिए भद्रा के समय कोई भी शुभ काम नहीं होता।













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