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Vrishchik Sankranti 2021: सूर्य का हुआ वृश्चिक राशि में प्रवेश, जानिए इसका महत्व

नई दिल्ली, 16 नवंबर। आज 16 नवंबर को सूर्य ग्रह तुला राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर गया है इसलिए आज वृश्चिक संक्रांति हैं। इस दिन को लोग काफी शुभ मानते हैं। कहते हैं आज सूरज भगवान की पूजा करने से इंसान के दुखों का अंत हो सकता है। आज तो वैसे पूरा दिन शुभ है लेकिन दिन 12 बजे से लेकर 2 बजकर दस मिनट तक समय पुण्यकाल है। इस वक्त में दान-पुण्य करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है।

चलिए जानते हैं वृश्चिक संक्रांति के दौरान क्या करना चाहिए?

सूर्य का हुआ वृश्चिक राशि में प्रवेश, जानिए इसका महत्व
  • सूर्य को अर्ध्य दें: वृश्चिक संक्रांति पर सूरज भगवान की विशेष पूजा करनी चाहिए और उन्हें अर्घ्य दें ऐसा करने से इंसान को यश की प्राप्ति होती है।
  • दान करें: किसी भी संक्रांति पर दान पुण्य का बहुत महत्व होता है। ऐसा करने से सुख -सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
  • गंगा स्नान: आज के दिन लोगों को गंगा स्नान करना चाहिए और गंगा जी पूजा करनी चाहिए।

जानिए वृश्चिक राशि वालों की खासियत

  • वृश्चिक राशि वाले मजबूत चरित्र वाले होते हैं , ये किसी को परेशान नहीं करते हैं लेकिन जो इन्हें परेशान करता है उसे वो छोड़ते नहीं है।
  • वृश्चिक राशि वाले जिद्दी और क्रोधी होते हैं।
  • वृश्चिक राशि वालों को लोग अपने आप में रहना पसंद करते हैं इसलिए कभी-कभी घमंडी कहलाते हैं।
  • वृश्चिक राशि वाले लोग दृढ़ इच्छाशक्ति वाले व संकल्पवान होते हैं।
  • वृश्चिक राशि वाले लोग निडर-साहसी और रिस्क लेने वाले होते हैं।
  • वृश्चिक राशि वाले लोगों को पार्टी में जाना और विलासिता में जाना पसंद होता है।
  • वृश्चिक राशि वाले लोगों की कल्पनाशक्ति बहुत अच्छी होती है।
  • वृश्चिक राशि वाले आम तौर पर काफी सुंदर और आकर्षक होते हैं।
  • वृश्चिक राशि वाले किसी के अधीन रहकर कार्य करने में कठिनाई महसूस करते हैं।
  • वृश्चिक राशि वाले अपने परिश्रम से अपने उन्नति करते हैं।
  • वृश्चिक राशि वालों का दांपत्य जीवन सामान्यत: सफल होता है।

प्रभु सूर्य के मंत्र

  • ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:
  • ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
  • ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
  • ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ ।
  • ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः ।
  • ॐ सूर्याय नम: ।
  • ॐ घृणि सूर्याय नम: ।

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