Vindhyeshwari Chalisa: आज हैं मां विंध्यवासिनी का दिन, जरूर करें इस चालीसा का पाठ, खुल जाएंगे किस्मत के द्वार
Vindhyavasini Devi Chalisa in Hindi:विंध्य पर्वत पर निवास करने वाली मां विंध्यवासिनी देवी का रूप बहुत ही सौम्य और मोहक है। मां अपने बच्चों से बहुत प्यार करती हैं। इनकी पूजा करने से इंसान को सुख, शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
आपको बता दें कि मां विंध्यवासिनी का मंदिर उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे मिर्ज़ापुर से 8 किमी दूर विंध्याचल में स्थित है।

आज विंध्यवासिनी पूजा का मानक दिन है इसलिए आज के दिन जरूर निम्लिखित चालीसा का पाठ करना चाहिए, ऐसा करने से इंसान हर तरह से सुखी रहता है।
विंध्यवासिनी चालीसा ( Vindhyavasini Chalisa)
॥ दोहा॥
- नमो नमो विन्ध्येश्वरी,
- नमो नमो जगदम्ब।
- सन्तजनों के काज में
- करती नहीं विलम्ब।
॥ चौपाई ॥
- जय जय विन्ध्याचल रानी,
- आदि शक्ति जग विदित भवानी।
- सिंहवाहिनी जय जग माता,
- जय जय त्रिभुवन सुखदाता।
- कष्ट निवारिणी जय जग देवी,
- जय जय असुरासुर सेवी।
- महिमा अमित अपार तुम्हारी,
- शेष सहस्र मुख वर्णत हारी।
- दीनन के दुख हरत भवानी,
- नहिं देख्यो तुम सम कोई दानी।
- सब कर मनसा पुरवत माता,
- महिमा अमित जगत विख्याता।
- जो जन ध्यान तुम्हारो लावै,
- सो तुरतहिं वांछित फल पावै।
- तू ही वैष्णवी तू ही रुद्राणी,
- तू ही शारदा अरु ब्रह्माणी।
- रमा राधिका श्यामा काली,
- तू ही मातु सन्तन प्रतिपाली।
- उमा माधवी चण्डी ज्वाला,
- बेगि मोहि पर होहु दयाला।
- तू ही हिंगलाज महारानी,
- तू ही शीतला अरु विज्ञानी।
- दुर्गा दुर्ग विनाशिनी माता,
- तू ही लक्ष्मी जग सुख दाता।
- तू ही जाह्नवी अरु उत्राणी,
- हेमावती अम्बे निर्वाणी।
- पूरी चालीसा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- Vindhyeshwari Chalisa in Hindi:: यहां पढे़ं: श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा, जानें महत्व और लाभ
कुछ प्रश्न और उसके जवाब
- विन्ध्येश्वरी चालीसा क्यों करनी चाहिए?
- विन्ध्येश्वरी चालीसा का पाठ करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।
- दिन में कितनी बार चालीसा का पाठ करना चाहिए?
- विन्ध्येश्वरी चालीसा का पाठ दिन में दो बार करना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications