Vat Savitri Purnima Vrat 2025: आज है वट सावित्री पूर्णिमा, जानिए क्या है पूजा विधि और महत्व

Vat Savitri Purnima Vrat 2025 Aaj Hai: वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास में दो बार किया जाता है। कुछ लोग वट सावित्री अमावस्या करते हैं और कुछ लोग वट सावित्री पूर्णिमा। दोनों का ही एक समान महत्व है किंतु मत और स्थान भेद के कारण यह दोनों ही दिनों में किया जाता है।

आज ये पावन दिन आया है, इस बार पूर्णिमा दो दिन रहने के कारण पूजन 10 जून को जबकि स्नान-दान आदि के कार्य 11 जून को किए जाएंगे।

Vat Savitri Purnima Vrat 2025

वट सावित्री व्रत सती सावित्री द्वारा अपने पति सत्यवान को यमराज के पाश से छुड़ा लाने की स्मृति में किया जाता है। इस व्रत को सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु के लिए करती हैं।

क्या है वट सावित्री व्रत की पूजा का समय?

10 जून को पूर्णिमा तिथि प्रात: 11 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ होगी और यह 11 जून को दोपहर 1 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। इसलिए वट सावित्री व्रत 10 जून को किया जाएगा। जबिक उदय तिथि के अनुसार स्नान-दान की पूर्णिमा 11 जून को की जाएगी। इस दिन सिद्ध और साध्य योग रहने के कारण यह पूर्णिमा अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी हो गई है।

कैसे करें वट सावित्री पूजा (Vat Savitri Purnima Vrat 2025)

इस दिन सुहागिन महिलाएं प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर साफ सुथरे पारंपरिक परिधान पहनें। सोलह श्रृंगार करें। एक दिन पूर्व मेहंदी लगा लें। पैरों में आलता लगाएं। बालों में गजरा लगाएं। इसके बाद सत्यवान सावित्री के चित्र या मूर्ति का पूजन करें। व्रत की कथा सुनें।

वट की जड़ को दूध और मिश्री मिश्रित जल से सींचें

इसके बाद किसी मंदिर आदि में लगे हुए वट वृक्ष का पूजन करें। वट की जड़ को दूध और मिश्री मिश्रित जल से सींचें। वट वृक्ष के तने में कच्चा सूत लपेटें और आरती कर नैवेद्य अर्पित करें। पति के स्वस्थ और दीर्घायु होने की कामना करें।

क्या विशेष करें (Vat Savitri Purnima Vrat 2025)

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