क्या है माता वैष्णो देवी की तीन पिडिंयों का रहस्य?

नई दिल्ली। माता वैष्णो देवी, जगत जननी, जगत तारणी देवी हैं। उनके दर्शन मात्र से जीवन भर के पाप कट जाते हैं। कहा जाता है कि अपने दरबार में झोली फैलाने वाले को माता कभी खाली हाथ नहीं जाने देतीं। माता के घर में जो मांगो, वह मिलता है। यही विश्वास पूरी दुनिया के भक्त जनों को माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आकर्षित करता है।

हर साल लाखों की संख्या में भक्त जन दुनिया के कोने-कोने से आकर माता वैष्णो के दर्शन करते हैं और तृप्त होकर लौटते हैं। माता की गुफा के दर्शन करने पर उनके तीन स्वरूप दिखाई देते हैं। ये तीनों रूप पिंडी स्वरूप में हैं और सम्मिलित रूप से वैष्णवी के नाम से जाने जाते हैं। एक ही नाम होने पर माता तीन स्वरूपों में हैं, यह बात हर भक्त के मन में आती है।

Recommended Video

    Sawan में ये तीन उपाय कर देंगे मालामाल , हो जायेंगे भोले बाबा खुश | Boldsky

    राज महिषासुर

    राज महिषासुर

    यह उस समय की बात है जब दानव राज महिषासुर का पूरे ब्रह्मांड में आतंक था। सभी देवता उससे पराजित हो चुके थे और भगवान शिव और ब्रह्मा जी के पास भी उसे समाप्त करने का कोई उपाय ना था। ऐसे में सभी भगवान और देवता बैकुण्ठ पहुंचे और भगवान विष्णु से इस संकट का समाधान करने की प्रार्थना की।

    भगवान विष्णु

    भगवान विष्णु

    भगवान विष्णु ने अपनी योग दृष्टि से जान लिया कि महिषासुर ने कठोर तप कर शिव जी से अमर होने का आशीर्वाद मांगा था। सृष्टि के नियमों के अनुसार कोई भी जीव अमर नहीं हो सकता, इसलिए शिव जी ने वरदान दिया था कि उसे मनुष्य, देवता, जानवर या किसी भी प्रजाति का नर कभी नहीं मार सकता। एक तरह से महिषासुर को अमरता का वरदान मिल चुका था। उनके वरदान की काट केवल यही थी कि कोई स्त्री शक्ति उसका संहार करे।

    सम्मिलित रूप से वैष्णवी कहलाईं

    सम्मिलित रूप से वैष्णवी कहलाईं

    विष्णु भगवान के निर्देश पर सभी देवताओं ने स्तुति कर एक नारी को उत्पन्न किया और उसे अपनी शक्तियां प्रदान कीं। इसमें ब्रह्मा के अंश से महासरस्वती, विष्णु के अंश से महालक्ष्मी और शिव के अंश से महाकाली एकाकार हुईं और सम्मिलित रूप में ये वैष्णवी कहलाईं।

    संसार को आतंक से मुक्त करने के लिए

    संसार को आतंक से मुक्त करने के लिए

    माता वैष्णवी ने संसार को आतंक से मुक्त करने के लिए महिषासुर को युद्ध में परास्त कर मोक्ष प्रदान किया। युद्ध के पश्चात माता वैष्णवी ने जम्मू के पास इस गुफा को अपना निवास स्थान चुना।

    माता के तीन रूप

    माता के तीन रूप

    इस गुफा में वे अपने तीनों महारूपों में तीन पिंडियों के रूप में स्थापित हुईं। यही वजह है कि गुफा में माता के तीन रूप दिखाई देने पर भी वे एक नाम वैष्णो देवी के रूप में जानी और पूजी जाती हैं।

    आइए, आज इसका कारण जानते हैं-

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+