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Omkar Mantra: क्या है 'ॐ 'का मतलब? क्यों किया जाता है इसका जाप? जानें सारे सवालों का जवाब

Omkar Mantra : पीएम मोदी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' (Somnath Temple Swabhiman Parv) के तहत ओंकार मंत्र के जाप में शामिल हुए और कहा कि 'ये अद्भुत है और मैं खुद धन्य महसूस कर रहा हूं।' उन्होंने सोमनाथ मंदिर को सभ्यतागत साहस का एक गौरवपूर्ण प्रतीक बताया।

मालूम हो कि हिंदू धर्म में ओंकार मंत्र (ॐ) को सबसे पवित्र और सर्वश्रेष्ठ मंत्र माना गया है। यह केवल एक अक्षर नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की मूल ध्वनि है। वेदों, उपनिषदों और गीता में ॐ को परम ब्रह्म का प्रतीक कहा गया है। माना जाता है कि सृष्टि की शुरुआत इसी दिव्य मंत्र से हुई थी।

Omkar Mantra

ॐ तीन ध्वनियों से मिलकर बना है (Omkar Mantra)

  • अ (A) - सृष्टि का प्रतीक, ब्रह्मा से जुड़ा
  • उ (U) - पालन का प्रतीक, विष्णु से जुड़ा
  • म (M) - संहार का प्रतीक, महेश (शिव) से जुड़ा

इन तीनों के बाद आने वाला मौन तुरीय अवस्था का प्रतीक है, यानी वह अवस्था जहां आत्मा परमात्मा से एकाकार हो जाती है। इस तरह ॐ त्रिदेव, त्रिकाल और तीनों अवस्थाओं (जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति) का प्रतिनिधित्व करता है।

Omkar Mantra का जप कैसे करें

  • शांत और स्वच्छ स्थान चुनें।
  • सुखासन या पद्मासन में बैठें।
  • आंखें बंद करें और गहरी सांस लें।
  • सांस छोड़ते हुए लंबी ध्वनि में "ॐ" का उच्चारण करें।
  • शुरुआत में 11, 21 या 108 बार जप करें।
  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त या सूर्यास्त का समय श्रेष्ठ माना जाता है।

Omkar Mantra का आध्यात्मिक महत्व

  • ॐ का उच्चारण मन की चंचलता को शांत करता है।
  • यह ध्यान को गहरा और स्थिर बनाता है।
  • आत्मा और परमात्मा के बीच संबंध मजबूत होता है।
  • नकारात्मक ऊर्जा का नाश - वातावरण और मन दोनों शुद्ध होते हैं।
  • पुराने संस्कार और नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
Omkar Mantra

Omkar Mantra के वैज्ञानिक लाभ

  • ब्लड प्रेशर को संतुलित करता है।
  • स्ट्रेस और एंग्जायटी कम करता है।
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

Omkar Mantra का धार्मिक महत्व

  • वेदों का आरंभ और अंत ॐ से होता है।
  • हर पूजा, हवन और मंत्र जप से पहले ॐ का उच्चारण किया जाता है।
  • इसे नाद ब्रह्म कहा गया है।

DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

ॐकार मंत्र जप से क्या लाभ होते हैं?
  • मानसिक शांति मिलती है
  • तनाव और चिंता कम होती है
  • ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है
  • सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
  • आत्मिक उन्नति में सहायता मिलती है
ॐ का जप कितनी बार करना चाहिए?

सामान्य रूप से 11, 21 या 108 बार ॐ का जप शुभ माना जाता है।

ॐकार मंत्र का जप कौन कर सकता है?

ॐकार मंत्र का जप कोई भी व्यक्ति कर सकता है-स्त्री, पुरुष, बच्चे या वृद्ध। इसके लिए किसी विशेष दीक्षा या जाति-धर्म की बाध्यता नहीं है।

ॐकार मंत्र क्या है?

ॐकार मंत्र "ॐ" एक दिव्य ध्वनि है, जिसे ब्रह्मांड की मूल ध्वनि माना जाता है। यह परम ब्रह्म, सृष्टि, पालन और संहार का प्रतीक है।

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