Som Pradosh Vrat: सिद्धि योग में साल का पहला सोम प्रदोष आज, जानिए पूजा विधि, मुहूर्त और महत्व
Som Pradosh Vrat 2024 Puja: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में सोम प्रदोष का शुभ संयोग 20 मई को बना है। इस दिन सिद्धि योग होने के कारण यह दिन अति विशिष्ट हो गया है।
इस दिन किया गया व्रत और शिवजी की पूजा समस्त संकटों से रक्षा करेगी और हर मनोकामना पूरी होगी। यह साल का पहला सोम प्रदोष है इसलिए शिव भक्तों के लिए यह दिन विशेष लाभकारी है।

20 मई सोमवार को त्रयोदशी तिथि दोपहर 3:58 से प्रारंभ होगी। इस दिन चित्रा नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग भी रहेगा। प्रदोष काल सायं 7:01 से रात्रि 9:10 तक रहेगा।
इस समय में शिवजी का पूजन करना होगा। सोम प्रदोष के दिन शिवजी का विभिन्न द्रव्यों से पूजन करने से समस्त सुखों की प्राप्ति होगी। सिद्धि योग होने के कारण समस्त कामनाओं की पूर्ति भी हो जाएगी।
क्या विशेष करें
सोम प्रदोष के दिन प्रदोष काल में शिवजी का पूजन करके प्रदोष व्रत की कथा अवश्य पढ़ना या सुनना चाहिए।
शिवजी को बिल्वपत्र, धतूरा और सफेद आंकड़े के फूल चढ़ाने से भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
शिवजी का अभिषेक फलों के रस से करने से धन संपदा की प्राप्ति होती है।
गन्ने के रस से अभिषेक करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।
कैसे करें पूजन
प्रदोष व्रत के दिन सुबह नियमित पूजन करके शिवजी के समक्ष प्रदोष व्रत का संकल्प लें। दिनभर निराहार रहते हुए शिव भक्ति में मन लगाए रहें। सायंकाल प्रदोषकाल में विभिन्न द्रव्यों से शिव परिवार का पूजन करें, अभिषेक पंचामृत से करें, दूध की मिठाई और पंच फल, पंच मेवों का भोग लगाएं। व्रत की कथा सुनें और आरती करें। उसके बाद प्रसाद ग्रहण करें, किंतु व्रत न खोलें। व्रत अगले दिन सुबह खोला जाएगा। यह व्रत काम्य और अकाम्य दोनों प्रकार से किया जा सकता है। काम्य अर्थात् अपनी किसी विशिष्ट कामना की पूर्ति के लिए किया जाएगा। व्रत समाप्ति के बाद ब्राह्मण भोजन करवाएं और उन्हें उचित दान-दक्षिणा प्रदान करें।












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