Sita Navami Jayanti 2021 : सीता नवमी आज, जानें कैसे किया जाएगा मां का पूजन
नई दिल्ली, 20 मई। अयोध्या के राजा श्रीराम की धर्मपत्नी सीता के प्राकट्य का महोत्सव वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इसे सीता नवमी या जानकी नवमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन माता सीता का पूजन किया जाता है। इस बार सीता प्राकट्य महोत्सव 20 मई 2021 गुरुवार को मघा नक्षत्र में मनाया जाएगा। तिथि और स्थान भेद के कारण कई लोग सीता नवमी 21 मई को भी मनाएंगे, लेकिन शास्त्र सम्मत 20 मई को ही मनाना श्रेयस्कर रहेगा।

सीता नवमी 20 को ही मनाना शास्त्र सम्मत
सीता नवमी की तिथि को लेकर इस बार संशय की स्थिति है। 20 मई को नवमी तिथि मध्यान्ह में 12 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ होगी जो 21 मई को मध्यान्ह में 11 बजकर 10 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। भले ही सूर्योदयव्यापिनी तिथि 21 मई को आ रही है लेकिन चूंकिमाता सीता का जन्म मध्यान्हकाल में हुआ था। 20 मई को मध्यान्हकाल 1 घंटा 19 मिनट मिल रहा है लेकिन 21 को केवल 20 मिनट ही रहेगा। इसलिए 20 मई को ही पूजन करना उचित रहेगा।
सीता नवमी 2021: कैसे किया जाता है पूजन
सीता नवमी के दिन प्रात: सूर्योदय के साथ उठकर स्नानादि से निवृत होकर अपने घर के पूजा स्थान को साफ स्वच्छ कर लें। गंगाजल का छिड़काव पूरे घर में करें। इसके बाद पूजा स्थान में बैठकर समस्त देवी-देवताओं को गंगाजल से स्नान करवाएं। माता सीता का पूजन श्रीराम, लक्ष्मण, हनुमान सहित करें। इस दिन सीता माता का श्रंृगार करके उन्हें सुहाग की समस्त सामग्री भेंट की जाती है। सुहागिन स्ति्रयां इस दिन व्रत भी रखती हैं।












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