Shukra Pradosh Vrat 2021: आज है शुक्र प्रदोष व्रत, जानिए शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
नई दिल्ली। आज भगवान शिव का प्रिय प्रदोष व्रत है, शुक्रवार होने के कारण ये शुक्र प्रदोष व्रत कहलाता है। इस व्रत को जो भी करता है, उसके सारे कष्ट दूर हो जाते है, उसको सुख, वैभव की प्राप्ति होती है और भोले भंडारी उसकी हर इच्छा पूरी करते हैं। प्रदोष व्रत महीने में दो बार आता है। शिव की कृपा पाने वाले इस व्रत के करने के कुछ नियम हैं, जिनका पालन उपवास रखने वाले को करना चाहिए।

चलिए जानते हैं क्या है आज की पूजा का शुभ मुहूर्त
- त्रयोदशी तिथि शुरू- 9 अप्रैल, शुक्रवार, सुबह 3 बजकर 16 मिनट से
- त्रयोदशी तिथि अंत- 10 अप्रैल, शनिवार, सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर
पूजा विधि
- शुभ मुहूर्त में शिव की पूजा होना चाहिए।
- स्नान-ध्यान करके मन में भगवान शंकर का नाम लेकर व्रत का संकल्प करना चाहिए।
- भगवान शिव का विधिवत पूजन करके भस्म का तिलक लगाना चाहिए।
- ऊं नमः शिवाय अथवा शिवाय नमः का जाप करना चाहिए।

- शिव का जाप करने से मनोकामनाएं सिद्ध होती है।
- संभव हो तो रूद्राभिषेक भी करें।
- शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और शिव का ध्यान करें।
- इसके बाद प्रदोष व्रत की कथा सुनें।
इन मंत्रों से करें शिव को प्रसन्न
माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में महाशिवरात्रि को भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। शिव का रूप अनुपम है, वो तो भोलेनाथ हैं, वो तो भक्तों के जरा से प्रेम से ही प्रसन्न हो जाते हैं। वो अपने भक्त पर हमेशा कृपा बरसाते हैं। इसलिए आज के दिन उनकी निम्नलिखित खास मंत्रों से पूजा करनी चाहिए।

- ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।
- ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।
- इं क्षं मं औं अं।
- ॐ नमः शिवाय।
- नमो नीलकण्ठाय।
- ॐ पार्वतीपतये नमः।












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