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श्रावण मास 2018: अलग-अलग तरह के जलाभिषेक से शिवजी से पाएं मनचाहा वरदान

भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण माह 28 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। श्रावण माह में भक्त अपने प्रिय भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न् करने के लिए अनेक तरह के उपाय करते हैं। व्रत-उपवास के साथ बड़ी संख्या में लोग विभिन्न् तरह के पदार्थों से अभिषेक करते हैं।

Sawan

नई दिल्ली। भगवान शिव की आराधना का पवित्र श्रावण माह 28 जुलाई से प्रारंभ हो गया है। श्रावण माह में भक्त अपने प्रिय भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न् करने के लिए अनेक तरह के उपाय करते हैं। व्रत-उपवास के साथ बड़ी संख्या में लोग विभिन्न् तरह के पदार्थों से अभिषेक करते हैं। लेकिन भोलेनाथ को पूजा-पाठ का व्यर्थ का आडंबर पसंद नहीं हैं, वे तो सच्ची श्रद्धा से अर्पित किए गए जल से ही प्रसन्न् हो जाते हैं। आइए शास्त्रों में वर्णित जल के कुछ ऐसे ही प्रयोगों के बारे में जानते हैं जिनसे भगवान शिव को प्रसन्न् करके अपनी मनचाही इच्छा पूरी करवाई जा सकती है।

सच्ची भक्ति से अर्पित करें जल

सच्ची भक्ति से अर्पित करें जल

* यह सच है कि शिव को केवल जल से भी प्रसन्न् किया जा सकता है, बशर्ते उसे अर्पित करते समय श्रद्धा-भक्ति सच्ची हो। जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है पैसा। पैसे के बिना सांसारिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो जाता है। खासकर गृहस्थ व्यक्ति पर तो पूरे परिवार का भार होता है। ऐसे में जल से जुड़ा यह एक उपाय धन संबंधी सारी परेशानियां समाप्त करने की ताकत रखता है। यदि इसके लिए श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव को चांदी के लोटे में शुद्ध जल में शहर की 21 बूंदें डालकर अर्पित करें। श्रावण के अंतिम सोमवार तक पहुंचते-पहुंचते आप स्वयं देखेंगे कि आपके पास विभिन्न् स्रोतों से पैसा आना शुरू हो गया है।

रोगों से मुक्ति के लिए दूध मिलाकर चढ़ाएं जल

रोगों से मुक्ति के लिए दूध मिलाकर चढ़ाएं जल

* नौकरी में तरक्की या व्यापार-व्यवसाय में लाभ के लिए श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी से प्रारंभ करके अमावस्या तिथि तक हर दिन सुबह के समय भगवान शिव पर तीन लोटे जल अर्पित करें और उसके बाद लाल पुष्प अर्पित करें। वहीं बैठकर शिव पंचाक्षरी स्तोत्र का पाठ करें।

* रोगों से मुक्ति के लिए भगवान शिव को श्रावण माह में प्रतिदिन जल में कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें। महामृत्युंजय मंत्र की एक माला रोज जाप करें। इससे शीघ्र रोग मुक्ति होने लगती है।

जल में केसर मिलाकर करें प्रसन्न

जल में केसर मिलाकर करें प्रसन्न

* जल में अक्षत मिलाकर अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न् होते हैं और मनचाही इच्छा पूरी करते हैं।

* जल में केसर मिलाकर भगवान शिव पर प्रतिदिन अर्पित करें इससे व्यक्ति के आकर्षण प्रभाव में वृद्धि होती है।

शत्रुओं के नाश के लिए करें ये

शत्रुओं के नाश के लिए करें ये

* संकटों से मुक्ति और शत्रुओं के नाश के लिए श्रावण माह में आने वाली अमावस्या के दिन रात्रि के समय जल से शिवजी का अभिषेक करें।

* सर्व सिद्धि प्राप्त करने के लिए श्रावण पूर्णिमा की रात्रि में शिवलिंग का जल, गंगाजल और लाल चंदन से अभिषेक करें। इसके बाद महाकाल स्तोत्र का पाठ करें।

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