Sawan Shivratri 2024: सावन की शिवरात्रि आज, जानिए शिवलिंग पर क्यों चढ़ाते हैं जल?
Sawan Shivratri 2024 (शिवलिंग पर क्यों चढ़ाते हैं जल): आज सावन मास की शिवरात्रि यानी कि सावन शिवरात्रि (Sawan Shivratri) है, आज का दिन बड़ा पावन है।
आपको बता दें कि हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। कहते हैं इस दिन जो कोई भी भोलेनाथ की पूजा सच्चे मन से करता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उसके कष्टों का समापन होता है।

महत्व और कथा (Significance)
समुद्र मंथन (Samudra Manthan) के समय जब विष (Poison) निकला तो भगवान शिव ने उसे अपने कंठ में धारण किया और इसलिए उन्हें नीलकंठ (Neelkanth) कहा जाता है, इस विष को शीतलता प्रदान करने के लिए देवताओं और भक्तों ने उन्हें जल चढ़ाया। यही कारण है कि सावन माह में शिवलिंग (Shivling) पर जल चढ़ाने की परंपरा है।
पूजा विधि (Puja Vidhi)
- सावन शिवरात्रि की पूजा विधि (Puja Procedure) अत्यंत सरल है, लेकिन श्रद्धा और भक्ति (Devotion) के साथ करने पर ही पूजा का फल मिलता है।
- आज के दिन कुछ लोग उपवास भी करते हैं।
- आज सबसे पहले नहाधोकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- इसके बाद मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी, और बेलपत्र (Bilva Leaves) चढ़ाएं।
- भक्त 'ॐ नमः शिवाय' (Om Namah Shivaya) मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव की आराधना कीजिए।
भक्ति और अध्यात्म (Devotion and Spirituality)
सावन शिवरात्रि का पर्व न केवल धार्मिक (Religious) दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भक्ति और अध्यात्म (Spirituality) का भी पर्व माना जाता है। इस दिन शिव भक्तों को ध्यान (Meditation) के माध्यम से आत्मा की शुद्धि (Purification of Soul) पर जोर देना चाहिए।
Disclaimer: इस आलेख का मतलब किसी भी तरह का अंधविश्वास पैदा करना नहीं है। यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।












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