Sawan 2022: सावन के सोमवार के साथ-साथ आज है सोम-प्रदोष, जानिए कैसे करें पूजन?
नई दिल्ली, 25 जुलाई। भगवान शिव को हर भी कहा जाता है। हर-हर महादेव कहा जाता है। हर का अर्थ है हरने वाला। भगवान शिव सारे संकट हर लेते हैं, संकटों का नाश कर देते हैं। पूरा श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति का विशेष मास होता है किंतु इस मास में सोम प्रदोष व्रत का संयोग बनना अपने आप में विशिष्ट संयोग है। श्रावण मास में सोम प्रदोष का संयोग बना है 25 जुलाई 2022 को। इस दिन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत भी रहेगा।

सोम प्रदोष के दिन व्रत रखकर भगवान शिव का अभिषेक पूजन करने से सारे संकट दूर होते हैं। धन-मान, संपत्ति सुख, पारिवारिक सौहार्द्रता, सम्मान आदि प्राप्त होता है। इस दिन आयु में वृद्धि करने वाला धु्रव योग भी रहेगा। अर्थात् सोम प्रदोष का व्रत रखने से रोग दूर होंगे और आयु प्राप्त होगी। साथ ही इस दिन प्रात: 5.59 से दिवस और रात्रिपर्यन्त अमृतसिद्धि योग भी रहेगा।
कैसे करें पूजन
सोम प्रदोष व्रत के दिन प्रात: स्नानादि से निवृत होकर सोम प्रदोष व्रत का संकल्प लेकर शिव पूजन करें। दिन भर निराहार रहें। शाम को प्रदोषकाल में शिव परिवार का पूजन करें। भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करें। बिल्वपत्र, धतूरा, आंकड़े के पुष्प और बेल फल अर्पित करें। इसके बाद मिष्ठान्न और फलों का नैवेद्य लगाकर आरती करें।
क्या हैं लाभ
- प्रदोष व्रत मुख्यत: संकटों का नाश करने के लिए किया जाता है। आपके जीवन में जो भी संकट हो उसे दूर करने की कामना शिवजी से करें और व्रत करें। सोम प्रदोष का संयोग होने से मनोकामना अवश्य पूरी होती है।
- धन की कमी से जूझ रहे हैं तो श्रावण मास के दोनों प्रदोष व्रत अवश्य करें।
- मान-सम्मान, सुख में कमी, दांपत्य जीवन के संकट आदि दूर करने के लिए सोमप्रदोष व्रत अवश्य करना चाहिए।
- जिन युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो पा रहा है, वे यदि सोम प्रदोष व्रत करें तो उसके विवाह की बाधा दूर होती है।












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