Saraswati Maa Ki Aarti: यहां पढे़ं सरस्वती माता की आरती, महत्व और लाभ
सरस्वती माता की कृपा मात्र से ही इंसान सारी तकलीफों से दूर हो जाता है। मां सरस्वती अपने हर भक्त से बहुत प्यार करती हैं और उन्हें चिंता मुक्त और दुखों से दूर रखती हैं।
Saraswati Mata ki Aarti : मां सरस्वती तो ज्ञान और कला की देवी हैं, जिनकी आशीष से ही इंसान को सफलता की प्राप्ति होती है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए इनका आशीष बहुत ज्यादा जरूरी है। मां का हाथ जिस किसी के सिर पर होता है उसे अज्ञानता तो छू ही नहीं पाती है। उसके सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है और उसे ज्ञान-विवेक की प्राप्ति होती है। सरस्वती की कृपा मात्र से ही इंसान सारी तकलीफों से दूर हो जाता है और वो तेजस्वी बनता है। मां सरस्वती अपने हर भक्त से बहुत प्यार करती हैं और उन्हें चिंता मुक्त और दुखों से दूर रखती हैं।

सरस्वती माता की आरती
- जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
- सद्गुण, वैभवशालिनि, त्रिभुवन विख्याता ।।जय.।।
- चन्द्रवदनि, पद्मासिनि द्युति मंगलकारी।
- सोहे हंस-सवारी, अतुल तेजधारी।। जय.।।
- बायें कर में वीणा, दूजे कर माला।
- शीश मुकुट-मणि सोहे, गले मोतियन माला ।।जय.।।
- देव शरण में आये, उनका उद्धार किया।
- पैठि मंथरा दासी, असुर-संहार किया।।जय.।।
- वेद-ज्ञान-प्रदायिनी, बुद्धि-प्रकाश करो।।
- मोहज्ञान तिमिर का सत्वर नाश करो।।जय.।।
- धूप-दीप-फल-मेवा-पूजा स्वीकार करो।
- ज्ञान-चक्षु दे माता, सब गुण-ज्ञान भरो।।जय.।।
- माँ सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
- हितकारी, सुखकारी ज्ञान-भक्ति पावे।।जय.।।
मंत्र
- ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।
- कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।
- वह्निशुद्धां शुकाधानां वीणापुस्तकमधारिणीम्।।
- रत्नसारेन्द्रनिर्माणनवभूषणभूषिताम्।
- सुपूजितां सुरगणैब्रह्मविष्णुशिवादिभि:।।
- वन्दे भक्तया वन्दिता च।
- सरस्वती ॐ सरस्वत्यै नमः।
- महाभद्रा ॐ महाभद्रायै नमः।
- महामाया ॐ महमायायै नमः।
- वरप्रदा ॐ वरप्रदायै नमः।
- श्रीप्रदा ॐ श्रीप्रदायै नमः।












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