Sankashti Chaturthi 2025: रहते हैं बीमार, फैसला लेने में होती है दिक्कत तो आज जरूर करें ये उपाय
Sankashti Chaturthi 2025 Upay: संकट चतुर्थी का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व होता है। इस दिन गणेशजी का पूजन करके रात्रि में चंद्र दर्शन करने का विधान है।पौराणिक कथाओं के अनुसार गणेशजी ने चतुर्थी के चंद्रमा को सर्वसिद्धिदायक और मनुष्यों की हर कामना को पूरा करने वाला कहा है। इस दिन चंद्र दर्शन करके उसका पूजन करने से अनेक परेशानियां दूर हो जाती है।
चतुर्थी के दिन चंद्र से जुड़े विशेष उपाय करके जन्मकुंडली में मौजूद दोषों को दूर करके चंद्र को मजबूत बनाया जा सकता है।

चंद्र ग्रह ज्योतिष में मन, भावनाएं, माता, शांति, नींद और मानसिक संतुलन का प्रतिनिधित्व करता है। अगर चंद्रमा नीच का हो, अशुभ स्थान में हो, पाप ग्रहों से दृष्ट या युति में हो तो व्यक्ति को चंद्र दोष लगता है।
मानसिक चिंता, बेचैनी या अवसाद रहता है
जिस जातक की कुंडली में चंद्र दूषित होता है या कमजोर होता है उसे अत्यधिक मानसिक चिंता, बेचैनी या अवसाद रहता है। वह जातक अनिद्रा या नींद से संबंधित समस्या से पीड़ित रहता है।
चंद्र से जुड़े दोष दूर करने का दिन
उस जातक का अपनी माता के साथ रिश्ता ठीक नहीं रहता। माता का स्वास्थ्य भी कमजोर रहता है। ऐसा जातक कोई निर्णय लेने में असमर्थ होता है। उसका मन सदैव अस्थिर रहता है। अत्यधिक भावुकता या कल्पनाओं में खोया रहता है। उसके शरीर में जल तत्व की कमी या अधिकता होती है जैसे सूजन, सर्दी-खांसी, थाइराइड रहता है। उसके मन में हमेशा भय, भ्रम रहता है और आत्म-विश्वास की कमी होती है।
चंद्र दोष निवारण के प्रमुख उपाय
- चंद्र दोष दूर करने के लिए चंद्र के मंत्र श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नम: का जाप संकट चतुर्थी या किसी भी सोमवार से शुरू करके लगाता 27 दिनों तक करें। हर दिन इस मंत्र का 108 बार जाप करना है।
- चंद्र के बीज मंत्र या वैदिक मंत्र का जप करना भी चंद्र दोष को दूर करने में सहायक होता है। ऊं चंद्राय नमः,
- ऊं सोम सोमाय नमः, ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः मंत्र चंद्र के सिद्ध मंत्र हैं। इनमें से कोई एक मंत्र संकट चतुर्थी के दिन से प्रारंभ करके नियमित रूप से जाप करें, विशेषकर चंद्रमा की होरा या रात्रि में।
- सोमवार का व्रत रखकर भी चंद्र को मजबूत बनाया जा सकता है। सोमवार को व्रत रखें, केवल जल, फलाहार या एक समय अन्न लें। शिवजी और चंद्रमा दोनों की पूजा करें। रात्रि में चंद्रमा को जल से अर्घ्य दें। यह उपाय संकट चतुर्थी के दिन भी करना चाहिए।
- संकट चतुर्थी की रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दें। साफ जल में दूध, सफेद फूल और चावल डालकर चंद्रमा को अर्पित करें। यह उपाय मन को शांति और संतुलन देता है।
- संकट चतुर्थी के दिन रुद्राभिषेक या शिव पूजन करने से भी चंद्र मजबूत होता है। शिवलिंग पर जल/दूध चढ़ाएं- क्योंकि चंद्र शिव के मस्तक पर विराजमान हैं। ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
- संकट चतुर्थी के दिन दान-पुण्य करें। चावल, दूध, सफेद वस्त्र, चांदी, मिश्री का दान करें। गौ सेवा, जलसेवा (पानी की टंकी, प्याऊ) विशेष लाभकारी होते हैं।
- चंद्र यंत्र की स्थापना करने से भी चंद्र मजबूत होता है। संकट चतुर्थी के दिन सिद्ध चंद्र यंत्र को घर या पूजा स्थान में रखें। रोज जल अर्पण करके उसका ध्यान करें।












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