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Raksha Bandhan 2018: रक्षा सूत्र क्यों बांधा जाता है ?

By Pt. Anuj K Shukla
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    नई दिल्ली। रक्षा बन्धन हिन्दू पंचाग के अनुसार हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाना वाला यह त्यौहार भाई-बहन के प्यार को जताने का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाईयों की कलाई में राखी बांध जाती है और उनकी दीर्घायु व प्रसन्नता के लिये प्रार्थना करती है। और भाई अपनी बहन की हर विपत्ति पर रक्षा करने का वचन देते है। इन राखियों के मध्य भावनात्मक प्रेम भी छिपा होता है। इस बार रक्षा बन्धन का त्यौहार 26 अगस्त दिन रविवार शतभिषा नक्षत्र एंव कुम्भ राशिस्थ चन्द्रमा में पड़ रहा है।

    कलावा या मोली बांधने की प्रथा तब से चली आ रही है

    कलावा या मोली बांधने की प्रथा तब से चली आ रही है

    कलावा या मोली बांधने की प्रथा तब से चली आ रही है, जब से दानवीर राजा बलि की वीरता की रक्षा के लिए भगवान वामन ने उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बाॅधा था। शास्त्रों में इस श्लोक का उल्लेख मिलता भी मिलता है।

    येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामानुवध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

    रक्षासूत्र बांधने से त्रिदेव ब्रहमा, विष्णु, महेश व तीनों देवियाॅ लक्ष्मी, सरस्वती व दुर्गा की कृपा बनी रहती है।

    यह भी पढ़ें:Raksha Bandhan 2018: इस मंत्र के साथ भाई की कलाई पर बांधिए राखी, होगी उम्र लंबी

    मोली बांधने से ब्लडप्रेशर व तनाव का रोग कम होता है

    मोली बांधने से ब्लडप्रेशर व तनाव का रोग कम होता है

    • शरीर की संरचना का प्रमुख नियन्त्रण हाथ की कलाई में होता है। इसलिए कलाई में रक्षा सूत्र बांधने से आत्म-विश्वास
    • आता है एंव तीनों दोष वात, पित्त व कफ में सन्तुलन बना रहता है, जिससे स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
    • कलावा या मोली बांधने से ब्लडप्रेशर व तनाव का रोग कम होता है।
    • रक्षा सूत्र बांधने से आत्म-विश्वास में वृद्धि होती है एवं मन में सकारात्मक विचार आते है।
     रक्षा सूत्र बांधते समय क्या करें?

    रक्षा सूत्र बांधते समय क्या करें?

    • रक्षाबन्धन के दिन सर्वप्रथम गणेश जी को राखी बांधे तत्पश्चात अन्य लोगों को बांधें।
    • राखी बंधवाने वाले व्यक्ति का मुॅख पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए।
    • रक्षा सूत्र बंधवाते वक्त सिर पर रूमाल या कोई कपड़ा अवश्य रखें।
    • महिलावर्ग रखी बांधते समय लाल, गुलाबी, पीले या केसरिया रंग कपड़े पहने तो विशेष लाभ होगा।
    • सर्वप्रथम कलाई में कलावा बांधे उसके बाद अन्य कोई फैशनेबल राखी बांधे।
     सुख, समृद्धि व स्वास्थ्य

    सुख, समृद्धि व स्वास्थ्य

    • बहने जों रक्षा सूत्र बांधें उसे एक वर्ष तक कलाई में बांधे रखे और दूसरे वर्ष पुराना वाला रक्षा सूत्र उतार कर किसी नदीं में प्रवाहित करके पुनः नया रक्षा सूत्र बहनों से बॅधवायें।
    • ऐसा करने पर आपकी सुख, समृद्धि व स्वास्थ्य की रक्षा पूरे वर्ष होती रहेगी।

    येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।

    तेन त्वामानुवध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

    • बहनें राखी बांधते समय उपरोक्त मन्त्र का उच्चारण करें।
    • राखी बंधवाते समय दाहिने हाथ की मुठ्ठी में फूल अवश्य रखें।
    • रक्षा सूत्र शत-प्रतिशत सूती धागे का ही होना चाहिए।
    • राखी को 7 या 5 बार घुमाकर ही हाथ में बांधना चाहिए।

    यह भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2018: ये बंधन तो प्यार का बंधन है...इसलिए एक धागा भाभी के लिए भी

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    English summary
    Raksha Bandhan is celebrated in Shravana month during full moon day or Purnima day. here is Some Unkonwn Facts About it.

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