Phulera Dooj 2023: फुलैरा दूज पर करें राधा-कृष्ण की ये विशेष आरती, मिल जाएगा रूठा प्यार
माना जाता है कि फूलेरा दूज के दिन ब्रज में कान्हा ने अपनी प्रेयसी राधा और गोपियों संग फूलों की होली खेली थी इसलिए इस दिन ब्रजवासी फूलों से होली खेलते हैं।

Phulera Dooj (आरती) : राधा-कृष्ण प्रेम का साक्षात प्रमाण हैं, दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, माना जाता है कि इन दोनों की सच्चे मन से पूजा करने से इंसान के सारे कष्टों का तो अंत होता ही है साथ ही लोगों को मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। फूलेरा दूज दोनों के प्रेम का मानक है, माना जाता है कि इस दिन ब्रज में कान्हा ने अपनी प्रेयसी राधा और गोपियों संग फूलों की होली खेली थी इसलिए इस दिन ब्रजवासी फूलों से होली खेलते हैं। इस दिन राधा-कृष्ण की खास पूजा और आरती करनी चाहिए, जो जातक इस दिन इनकी सच्चे मन से पूजा करते हैं उनका रूठा प्यार उनके पास वापस चला आता है और जिनका वैवाहिक जीवन सही नहीं चल रहा होता है वो भी सही हो जाता है। वैसे भी कोई पूजा तब तक अधूरी है, जब तक उसकी अच्छे से आरती के साथ खत्म ना किया जाए। इस बार फुलेरा दूज 21 फरवरी 2023 यानी कि मंगलवार को है।
पढ़ें कृष्ण जी की आरती
- आरती कुंजबिहारी की,
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
- आरती कुंजबिहारी की,
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
- गले में बैजंती माला,
- बजावै मुरली मधुर बाला ।
- श्रवण में कुण्डल झलकाला,
- नंद के आनंद नंदलाला ।
- गगन सम अंग कांति काली,
- राधिका चमक रही आली ।
- लतन में ठाढ़े बनमाली
- भ्रमर सी अलक,
- कस्तूरी तिलक,
- चंद्र सी झलक,
- ललित छवि श्यामा प्यारी की,
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
- ॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
- कनकमय मोर मुकुट बिलसै,
- देवता दरसन को तरसैं ।
- गगन सों सुमन रासि बरसै ।
- बजे मुरचंग,
- मधुर मिरदंग,
- ग्वालिन संग,
- अतुल रति गोप कुमारी की,
- श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
- ॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
- जहां ते प्रकट भई गंगा,
- सकल मन हारिणि श्री गंगा ।
- स्मरन ते होत मोह भंगा
- बसी शिव सीस,
- जटा के बीच,
- हरै अघ कीच,
- चरन छवि श्रीबनवारी की,
- श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
- ॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
- चमकती उज्ज्वल तट रेनू,
- बज रही वृंदावन बेनू ।
- चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू
- हंसत मृदु मंद,
- चांदनी चंद,
- कटत भव फंद,
- टेर सुन दीन दुखारी की,
- श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
- ॥ आरती कुंजबिहारी की...॥
- आरती कुंजबिहारी की,
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
- आरती कुंजबिहारी की,
- श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
पढ़ें राधा जी की आरती
- आरती राधाजी की कीजै। टेक...
- कृष्ण संग जो कर निवासा, कृष्ण करे जिन पर विश्वासा।
- आरती वृषभानु लली की कीजै। आरती...
- कृष्णचन्द्र की करी सहाई, मुंह में आनि रूप दिखाई।
- उस शक्ति की आरती कीजै। आरती...
- नंद पुत्र से प्रीति बढ़ाई, यमुना तट पर रास रचाई।
- आरती रास रसाई की कीजै। आरती...
- प्रेम राह जिनसे बतलाई, निर्गुण भक्ति नहीं अपनाई।
- आरती राधाजी की कीजै। आरती...
- दुनिया की जो रक्षा करती, भक्तजनों के दुख सब हरती।
- आरती दु:ख हरणीजी की कीजै। आरती...
- दुनिया की जो जननी कहावे, निज पुत्रों की धीर बंधावे।
- आरती जगत माता की कीजै। आरती...
- निज पुत्रों के काज संवारे, रनवीरा के कष्ट निवारे।
- आरती विश्वमाता की कीजै। आरती राधाजी की कीजै...।












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