Parama Ekadashi Muhurat: क्या है परमा एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त?
Parama Ekadashi Muhurat: हिंदू धर्म में एकादशी का खास महत्व है, कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु की पूजा सच्चे मन से करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। वैसे भी अभी अधिकमास चल रहा है इसलिए इस मास की एकादशी तो दोहरे फल देने वाली हो गई है।

इस बार ये पावन 12 अगस्त को है, हालांकि एकादशी तिथि 11 अगस्त से ही शुरू हो जाएगी लेकिन उदया तिथि मान्य होने के कारण ये व्रत 12 अगस्त को रखा जाएगा। आपको बता दें कि अधिकमास या मलमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहते हैं।
परमा एकादशी तिथि
- अधिकमास कृष्ण एकादशी तिथि शुरू - 11 अगस्त 05.06 AM
- अधिकमास कृष्ण एकादशी तिथि समाप्त - 12 अगस्त 2023, 06.31 AM
- व्रत पारण समय - 13 अगस्त 2023, 05:49 AM- 08:19 AM
शनिदेव की करें पूजा
इस बार ये व्रत शनिवार को पड़ रहा है इसलिए अगर इस दिन जो लोग साढ़े साती के दंश से पीड़ित हैं वो विष्णु जी के साथ शनिदेव की भी पूजा करें तो उनका साढे़ साती दोष दूर होगा और शनिदेव भी प्रस्नन होंगे। एकादशी के दिन निम्नलिखित मंत्रों की से पूजा करने से इंसान परेशानियों से मुक्त होता है और उसे सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
एकादशी मंत्र
- ॐ नमोः नारायणाय॥
- ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥
- ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
- मंगलम भगवान विष्णुः, मंगलम गरुणध्वजः।
- मंगलम पुण्डरी काक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥
शनिदेव मंत्र
- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
- ॐ शं शनैश्चराय नमः।
- ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥
- ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।
- ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
विष्णु स्तुति
- शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
- विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् ।
- लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
- वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥
- यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे: ।
- सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा: ।
- ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो
- यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम: ॥












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