नवरात्र विशेष: पहले दिन कीजिये मां शैलपुत्री की पूजा

मां शैलपुत्री की आराधना के लिए भक्तों को विशेष मंत्र का जाप करना चाहिए ताकि वह मां का आर्शीवाद प्राप्त कर सकें।
यह मंत्र है वन्दे वांछितलाभाय चंद्राद्र्धकृतशेखराम। वृषारूढ़ा शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम।।
नवरात्र के पहले ही दिन भक्त घरों में कलश की स्थापना करते हैं जिसकी पूरे नौ दिनों तक पूजा की जाती है। मां का यह अद्भुत रूप है। दाहिने हाथ में त्रिशूल व बांए हाथ में कमल का फूल लिए मां अपने पुत्रों को आर्शीवाद देने आती है। श्वेत व दिव्य रूप में मां वृषभ पर बैठी है।
कहते हैं सच्चे मन से मां से जो भी मांगो वो जरूर पूरा होता है। शैल पुत्री का रूप काफी मोहक और प्रभावशाली है इसलिए आज जातक को मन से मां की पूजा करनी चाहिए जिसके चलते उस पर आने वाले हर संकट को मां उससे दूर कर देंगी।












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