Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Navratri 2018: अखंड ज्योत से पाएं सुख-समृद्धि-वैभव

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में अग्नि को देव माना गया है। यह सृष्टि के पंचमहाभूतों में से एक है। यज्ञ, हवन से लेकर चिता की अग्नि तक को अत्यंत पवित्र माना गया है। चारों वेदों में से सबसे प्रथम वेद ऋग्वेद का पहला सूक्त ही अग्निदेव की आराधना से प्रारंभ होता है। इसीलिए देवी-देवताओं का आह्वान यज्ञों के माध्यम से किया जाता है। सूर्य भी अग्नि का जीवंत श्रोत है, इसलिए वेदों में अग्नि के साथ-साथ सूर्य की भी पूजा की जाती है। सूर्य देव तो पंच देवों में शामिल भी हैं।

देवी दुर्गा की आराधना भी अग्नि के बिना अधूरी है

देवी दुर्गा की आराधना भी अग्नि के बिना अधूरी है

इसी तरह इस समस्त सृष्टि को उर्जा, ओज और शक्ति प्रदान करने वाली देवी दुर्गा की आराधना भी अग्नि के बिना अधूरी है। नवरात्रि में देवी से विभिन्न प्रकार की शक्तियां प्राप्त करने के लिए यज्ञ, हवन इत्यादि कर्म किए जाते हैं। जो लोग यज्ञ, हवन आदि नहीं कर सकते वे नौ दिनों तक देवी के लिए अखंड ज्योत जलाते हैं। यह अखंड ज्योत विभिन्न प्रकार की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अलग-अलग पदार्थों से लगाई जाती है। नवरात्रि में नौ दिनों तक अखंड ज्योत लगाने से घर-परिवार में सुख-शांति, समृद्धि, आयु और आरोग्य बना रहता है। साथ ही इससे पितरों की शांति भी होती है।

आइए जानते हैं किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए किस पदार्थ से ज्योत लगाना चाहिए...

नवरात्रि मेंअखंड ज्योत जलाने से समस्त कार्य सिद्ध होते हैं

नवरात्रि मेंअखंड ज्योत जलाने से समस्त कार्य सिद्ध होते हैं

  • नवरात्रि में घी और सरसों के तेल की अखंड ज्योत जलाने से समस्त कार्य सिद्ध होते हैं।
  • पारिवारिक सुख-शांति, समृद्धि और धन की प्राप्ति के लिए तेल की ज्योत लगाएं।
  • विद्यार्थियों को परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए घी की ज्योत जलाना चाहिए।
  • किसी भी प्रकार का वास्तुदोष हो तो घर में नवरात्रि के दौरान तिल के तेल की ज्योत लगाएं।
  • किसी पारिवारिक सदस्य की रोग मुक्ति के लिए सरसो के तेल की ज्योत लगाएं।
  • शत्रुओं को शांत करने, शनि की पीड़ा से बचने के लिए सरसो और तिल के तेल की ज्योत लगाएं।
  •  यह ध्यान रखें

    यह ध्यान रखें

    • अखंड ज्योत लगाने से पहले उसका स्थान तय कर लें। एक बार ज्योत लगाने के बाद दीपक को हिलाना भी पाप है।
    • दीपक ऐसी जगह लगाए जहां कोई बार-बार आता जाता ना हो।
    • घर के पूजा स्थान में आग्नेय कोण या दक्षिण दिशा में ज्योत लगाएं।
    • ज्योत को ऐसे पात्र में लगाएं जिसमें हवा ना आए। हवा से ज्योत बुझने का अंदेशा रहेगा। अखंड ज्योत लगाने के लिए बाजार में विशेष तरह के कांच के कंडील जैसे घर मिलते हैं जिसमें अग्नि के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन मिल जाती है और उस पर हवा का प्रभाव भी नहीं पड़ता।
    • अखंड ज्योत लगाने से पहले अपनी मनोकामना को संकल्प के साथ देवी के सामने बोलें।
    • अखंड ज्योत लगाने से पहले दीपक की विधि-विधान से पूजा करें।
    • दीपक में घी, तेल डालने का ध्यान रखें।
    • बत्ती ऐसी लगाएं कि वह पूरे नौ दिन तक जल सकें।
    • नवमी के दिन उसी अखंड ज्योत से अग्नि लेकर दुर्गा के निमित्त किसी पंडित से हवन करवाएं। ज्योत समाप्त होने पर दीपक का विसर्जन जल में करें।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+