Maa Chandraghanta Aarti : पढ़ें 'चंद्रघंटा' माता की आरती
Chandraghanta Mata Ki Aarti: मां दुर्गा का तीसरा रूप रूप 'चंद्रघंटा' है। इसलिए यहां हम आपके लिए लाए हैं चंद्रघंटा माता की आरती, जिसे नवरात्र के दिनों में करने से इंसान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और इंसान को हर तरह से सुख की प्राप्ति होती है और यही नहीं इंसान की जो भी कामना होती है वो पूरी हो जाती है। मां को ये रूप अति सुंदर हैं, वो करूणा की सागर हैं, जो अपने भक्तों पर सिर्फ आशीष ही न्यौछावर करती हैं। मां भक्तों की हर पीड़ा समझती हैं इसलिए मां की कृपा जिस पर हो जाती है, उसे कोई पीड़ा ही नहीं होती है।

मां 'चंद्रघंटा' जी की आरती ( Chandraghanta Mata Ki Aarti )
जय मां चंद्रघंटा सुख धाम
पूर्ण कीजो मेरे काम
चंद्र समान तू शीतल दाती
चंद्र तेज किरणों में समाती
क्रोध को शांत बनाने वाली
मीठे बोल सिखाने वाली
मन की मालक मन भाती हो
चंद्र घंटा तुम वरदाती हो
सुंदर भाव को लाने वाली
हर संकट मे बचाने वाली
हर बुधवार जो तुझे ध्याये
श्रद्धा सहित जो विनय सुनाय
मूर्ति चंद्र आकार बनाएं
सन्मुख घी की ज्योत जलाएं
शीश झुका कहे मन की बाता
पूर्ण आस करो जगदाता
कांची पुर स्थान तुम्हारा
करनाटिका में मान तुम्हारा
नाम तेरा रटू महारानी
'भक्त' की रक्षा करो भवानी।
ये हैं मां के नौ रूप
- प्रथम दिन: शैलपुत्री
- दूसरी दिन: ब्रह्मचारिणी
- तीसरा दिन: चंद्रघंटा
- चौथा दिन: कुष्मांडा
- 5वां दिन: स्कंदमाता
- 6ठवां दिन: कात्यायनी
- 7वां दिन: कालरात्रि
- 8वां दिन: महागौरी
- 9वां दिन: मां सिद्धिदात्री












Click it and Unblock the Notifications