Mangla gauri Vrat 2021: 'मंगला गौरी' व्रत आज, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा
नई दिल्ली, 26 जुलाई। आज 'मंगला-गौरी' व्रत है। सावन मास के सोमवार के दूसरे दिन 'मंगला-गौरी' का व्रत होता है। मां पार्वती की अराधना वाला ये व्रत बेहद ही फलदायी है। कहते हैं जिनके वैवाहिक जीवन में कष्ट चल रहा है या फिर जिनके विवाह में देर हो रही है या जिन्हें पति सुख नहीं मिल रहा है, उन्हें जरूर ये व्रत करना चाहिए। आपको बता दें कि मंगला गौरी का व्रत सावन के हर मंगलवार को पड़ता है इसलिए सावन में सोमवार के अलावा मंगलवार का भी प्रमुख स्थान है।

मुहूर्त
- राहुकाल- दोपहर 03 बजकर 51 मिनट से शाम 05 बजकर 33 मिनट
- अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12 बजे 12 बजकर 55 मिनट
- विजय मुहूर्त -दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से दोपहर 03 बजकर 38 मिनट
पूजा विधि
- नित्य कर्मों से निवृत्त होकर साफ-सुथरे धुले हुए वस्त्र धारण करें।
- इस व्रत में एक ही समय अन्न ग्रहण किया जाता है।
- मां मंगला गौरी की तस्वीर लें और उनके सामने फल-फूल अर्पित करें।
- फिर आटे की लोई का दीपक जलाएं और उसमें 16 बत्तियां जलाएं।
- इस पूजा के लिए हर चीज 16 चाहिए होती है।
- मां का भी 16श्रृंगार करें और 16 तरह की चीजें अर्पित करें।
- फिर 'मम पुत्रापौत्रासौभाग्यवृद्धये श्रीमंगलागौरीप्रीत्यर्थं पंचवर्षपर्यन्तं मंगलागौरीव्रतमहं करिष्ये' श्लोक से पूजा कीजिए।
कथा
एक शहर में धर्मपाल नाम का एक व्यापारी रहता था। उसके पास बहुत धन-दौलत थी। लेकिन उनको कोई संतान नहीं थी, इस वजह से पति-पत्नी दोनों ही हमेशा दुखी रहते थे। फिर ईश्वर की कृपा से उनको पुत्र प्राप्ति हुई, लेकिन वह अल्पायु था। उसे यह श्राप मिला हुआ था कि 16 वर्ष की उम्र में सर्प दंश के कारण उसकी मौत हो जाएगी। संयोग से उसकी शादी 16 वर्ष से पहले ही एक युवती से हुई, जिसकी माता 'मंगला गौरी व्रत' किया करती थी, उसने अपनी पुत्री के लिए एक ऐसे सुखी जीवन का आशीर्वाद प्राप्त किया था, जिसके कारण वह कभी विधवा नहीं हो सकती। इसी कारण धर्मपाल के पुत्र को आयु मिल गई।












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