Mangla Gauri Mata ki Aarti: सुख-शांति चाहिए तो रोज करें 'मंगला गौरी' माता की आरती
Mangla Gauri ki Aarti: सावन माह के हर मंगल को 'मंगला गौरी' का व्रत रखा जाता है। जिन लोगों की शादी नहीं हो रही या जिनका वैवाहिक जीवन सफल नहीं है या फिर जिन लोगों को संतान सुख नहीं है, वो लोग विशेष रूप मां 'मंगला गौरी' की पूजा करें, उनकी समस्या का समाधान शीघ्र ही होगा। मां की पूजा विशेष आरती के साथ करनी चाहिए ऐसा करने से भक्त की हर इच्छा पूरी होती है।

'मंगला गौरी' माता की आरती
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता ब्रह्मा सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- सिंह को वाहन साजे कुंडल है, साथा देव वधु जहं गावत नृत्य करता था।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- सतयुग शील सुसुन्दर नाम सटी कहलाता हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- सृष्टी रूप तुही जननी शिव संग रंगराता नंदी भृंगी बीन लाही सारा मद माता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- देवन अरज करत हम चित को लाता गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
- मंगला गौरी माता की आरती जो कोई गाता सदा सुख संपति पाता।
- जय मंगला गौरी माता, जय मंगला गौरी माता।।
मंगला गौरी माता की आरती कितने बजे होती है?
मंगला गौरी की पूजा की आरती या तो सुबह करें या फिर शाम को करें।
मंगला गौरी माता की आरती कितनी बार करनी चाहिए?
मंगला गौरी माता की आरती दिन में दो बार (सुबह-शाम) भी हो सकती है या एक बार ( सुबह ) के वक्त हो सकती है।
मंगला गौरी माता की आरती करने के नियम
मंगला गौरी माता की आरती करते वक्त आपका मन और तन दोनों स्वच्छ होना चाहिए। आप नहा-धोकर स्वच्छ कपड़े पहनकर आरती करें।
मंगला गौरी की पूजा कब और किस लिए करते हैं?
संतान सुख, यश, प्रेम और धन की इच्छा रखते है, वो मंगला गौरी माता की पूजा करते हैं।













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