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Mahashivratri 2026: क्या जलाभिषेक से पहले पीरियड्स आना अपशकुन है? क्या शिव हो जाते हैं नाराज?

Mahashivratri 2026: आज महाशिवरात्रि का महापर्व है, आज के दिन शिव की पूजा करने से इंसान के सारे कष्टों का अंत होता है, भक्तगण आज के दिन उपवास रखते हैं लेकिन उपवास रखने से पहले अगर महिलाओं को पीरियड्स हो जाए तो क्या ये बड़ा अपशकुन है, क्या इससे पूजा का फल नहीं मिलता? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

Mahashivratri 2026: क्या पीरियड्स आना अपशकुन माना जाता है?

धार्मिक दृष्टि से कहीं भी ऐसा स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता कि मासिक धर्म के दौरान महिला अपवित्र या अशुभ होती है। मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। इसे अपशकुन मानना सामाजिक मान्यता अधिक है, धार्मिक आदेश कम। भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है, वे भाव के भूखे हैं। सच्ची श्रद्धा और आस्था से किया गया स्मरण और जप ही सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए पीरियड्स आना किसी भी तरह से अपशकुन नहीं माना जाना चाहिए।

Mahashivaratri 2026

Shivaratri 2026: क्या भगवान शिव नाराज होते हैं?

धार्मिक ग्रंथों में ऐसा कहीं उल्लेख नहीं कि मासिक धर्म के कारण भगवान शिव रुष्ट होते हैं। शिव करुणा और समानता के प्रतीक हैं। वे हर भक्त की भावना को स्वीकार करते हैं। महाशिवरात्रि 2026 पर यदि पीरियड्स आ जाएं तो इसे सामान्य घटना समझें। पूजा-पाठ का मूल उद्देश्य मन की शुद्धता है इसलिए नकारात्मक बातों के बारे में बिल्कुल भी ना सोचे।

Mahashivratri 2026 Do-Donts: पीरियड्स होने पर क्या करें?

अगर पूजा से पहले किसी महिला को पीरियड्स हो जाए तो उसे उदास होने या घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि वो अगर मंदिर नहीं जा सकती है तो घर पर बैठकर ही ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप कर सकती हैं और मन से भगवान शिव का स्मरण कर सकती हैं। वो मन ही मन शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र या शिव स्तुति का पाठ कर सकती हैं। आजकल कई मंदिरों से लाइव दर्शन होते हैं, उन्हें देखना भी प्यारी माना जाता है। इस दौरान व्रत रखने का फैसला अपनी हेल्थ को देखते हुए लें।

शरीर को कष्ट देना आवश्यक नहीं, स्वस्थ रहें तभी व्रत रखें

यदि शरीर अनुमति दे तो फलाहार व्रत रखें, अन्यथा सामान्य भोजन करें। भगवान भावना देखते हैं, शरीर को कष्ट देना आवश्यक नहीं। अगर आप दर्द या कमजोरी में हो तो जबरन व्रत या जागरण न करें। इसे अपशकुन मानकर खुद को दोषी न समझें। यदि घर में कुछ नियम हैं तो उनका सम्मान करें, लेकिन मानसिक रूप से पूजा अवश्य करें।

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