Mahashivratri 2023: शिवरात्रि पर अपनी राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करें, हो जाएंगे मालामाल
रुद्राक्ष अक्षय ऊर्जा का भंडार होता है और यह ऊर्जा ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार व्यक्ति को प्रभावित करती है। अपनी राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करने पर ही लाभ मिलता है।

Mahashivratri & Rudraksha: रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के नेत्रों से हुई है। इसलिए यह अत्यंत पवित्र और चमत्कारिक फल देने वाला है। जो व्यक्ति रुद्राक्ष धारण करता है उसे सर्वत्र विजय प्राप्त होती है। उसके सारे कार्य शीघ्रता से पूर्ण होते हैं। किंतु किस व्यक्ति को कौन-सा रुद्राक्ष धारण करना चाहिए यह अधिकांश लोग नहीं जानते हैं इसलिए उन्हें अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते हैं। लोग एक-दूसरे की देखादेखी रुद्राक्ष धारण तो कर लेते हैं लेकिन जब उससे कुछ होता नजर नहीं आता तो जल्दी ही निकालकर यहां-वहां रख भी देते हैं।

दरअसल रुद्राक्ष अक्षय ऊर्जा का भंडार होता है और यह ऊर्जा ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार व्यक्ति को प्रभावित करती है। इसलिए यदि आप रुद्राक्ष धारण करने जा रहे हैं तो पहले अपनी राशि का विचार कर लें। अपनी राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करेंगे तो फिर जैसा आप चाहेंगे वैसा ही होगा। 18 फरवरी को आ रही महाशिवरात्रि रुद्राक्ष धारण करने का सबसे उत्तम दिन होता है। रुद्राक्ष धारण करने से निरोगी काया मिलती है और धन-संपदा से संबंधित सारे संकट दूर हो जाते हैं।
किस राशि के लिए कौन-सा रुद्राक्ष
- मेष : तीन मुखी
- वृषभ : छह और 10 मुखी
- मिथुन : चार मुखी और 11 मुखी
- कर्क : दो मुखी और गौरीशंकर रुद्राक्ष
- सिंह : पांच मुखी
- कन्या : गौरीशंकर रुद्राक्ष
- तुला : सात मुखी और गणेश रुद्राक्ष
- वृश्चिक : आठ मुखी और 13 मुखी
- धनु : नौ मुखी और एक मुखी
- मकर : 10 मुखी और 13 मुखी
- कुंभ : सात मुखी
- मीन : पांच मुखी
कैसे करें धारण
रुद्राक्ष को बाजार के लाकर सीधे धारण नहीं किया जाता है। इसे 24 घंटे के लिए गंगाजल में डालकर रखें। इसके बाद निकालकर इस पर अच्छे से बादाम का तेल लगाएं फिर पूजन करें। शिव के किसी भी मंत्र का 108 बार जाप करें। फिर लाल रेशमी धागे में पिरोकर गले में पहनें या दाहिनी बाजू पर बांधें।
कैसे करें चार्ज
रुद्राक्ष में अक्षय ऊर्जा का भंडार होता है किंतु यदि आप इसे धारण करते हैं तो यह आपके अंदर की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। यहां तक किआपके अनेक रोग भी रुद्राक्ष सोख लेता है इसलिए आप सकारात्मक ऊर्जा से भरे हुए और स्वस्थ अनुभव करते हैं। इसलिए रुद्राक्ष के अंदर समाई हुई नकारात्मक ऊर्जा को साफ करना अत्यंत आवश्यक है। यदि आपने रुद्राक्ष पहना है तो 15 दिन एक बार इसका शुद्धीकरण अवश्य करें। इसके लिए एक कटोरी में पानी लेकर उसमें थोड़ा सा समुद्री नमक डालें। समुद्री नमक न मिले तो साधारण नमक डालकर एक घंटे के लिए छोड़ दें। एक घंटे बाद पानी से निकालकर इसे तीन बार शुद्ध पानी से अच्छे से धोएं। साफ कपड़े से पोंछें और फिर इस पर अच्छे से बादाम का तेल लगाएं। इसके बाद धारण करें। यह प्रक्रिया 15 दिन में या महीने में एक बार अवश्य करनी चाहिए।












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