Mahakumbh 2025: कुंभ मेले के स्थान कैसे चुने जाते हैं?
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में 2025 में शुरू होने वाला भव्य महाकुंभ मेला भारत के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक समागमों में से एक है, जिसमें भारत और विदेशों से लाखों लोग आते हैं। हर 12 साल में एक बार मनाया जाने वाला यह त्यौहार हिंदू आस्था का आधार है, जो पवित्र स्नान के माध्यम से अपने भक्तों के पापों को धोने और मोक्ष प्राप्ति का वादा करता है।
महाकुंभ मेला भारत के चार प्रतिष्ठित स्थलों - प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में आयोजित किया जाता है, जिसका अगला उत्सव 2027 तक नासिक में गोदावरी नदी के तट पर आयोजित किया जाएगा। पिछली बार नासिक ने इस महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी जुलाई और सितंबर 2015 के बीच की थी।

कुंभ मेले के लिए सटीक स्थानों का निर्धारण करने में, ज्योतिषीय घटनाएँ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रयागराज में यह उत्सव तब मनाया जाता है जब बृहस्पति वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होता है। इसी तरह, कुंभ राशि में बृहस्पति और मेष राशि में सूर्य का आकाशीय संरेखण हरिद्वार में उत्सव का संकेत देता है। नासिक की बारी तब आती है जब सूर्य और बृहस्पति दोनों सिंह राशि में होते हैं, जबकि उज्जैन में यह तब मनाया जाता है जब बृहस्पति सिंह राशि में और सूर्य मेष राशि में होता है। ये ज्योतिषीय स्थितियाँ प्रत्येक शहर की बारी के लिए इस आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी के लिए मंच तैयार करती हैं।












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