रोशनी बिखेरती आतिशबाजी का जलवा, कानफोडू बम फुस्स

व्यापारियों का कहना है कि इस बार पटाखों के दाम पिछले साल की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत अधिक हैं पर इसके बावजूद मांग पर असर नहीं पड़ा है। सदर बाजार के प्रमुख पटाखा कारोबारी मुकेश भाई पटाखे वाले के मुकेश भाई ने कहा कि अब कानफोड़ू बम का क्रेज नहीं रह गया है। ज्यादातर मांग स्काई शाट, हवा में जाकर रंगबिरंगी रोशनी बिखेरने वाली आतिशबाजी की है। इस तरह के स्काई शाट का दाम 100 रुपये से 10,000 रुपये तक है।
व्यापारियों का कहना है कि 10,000 रुपये का स्काई शाट हवा में जाकर 1,000 बार धमाका करता है। एक अनुमान के अनुसार देशभर में पटाखों का सालाना कारोबार 5,000 करोड़ रुपये का है। इसमें से अकेले 4,000 करोड़ रुपये का कारोबार दिवाली पर हो जाता है। मुकेश भाई का कहना है कि बाजार में तरह-तरह की आतिशबाजी आ गई है। कोई आतिशबाजी हवा में जाकर गोल्डन बारिश करती है, तो किसी अन्य से रंग-बिरंगी रोशनी फैल जाती है।
थोक बाजार में गोला बम के पैकेट का दाम जहां 40 रुपये से शुरू होता है, वहीं अनार का दाम 50 से 500 रुपये, पेंसिल 60 से 600 और चकरी 50-60 से 300 रुपये तक है। कनफेडरेशन आफ सदर बाजार टेड्स एसोसिएशन के महासचिव देवराज बवेजा ने कहा कि कभी दिवाली पर सबसे ज्यादा मांग बमों की रहती थी पर आज स्कूलों में बच्चों को शोर वाले पटाखे न छोड़ने के प्रति जागरूक किया जाता है। बवेजा ने कहा कि स्कूलों में चलाए जा रहे इस अभियान की वजह से अब बच्चे शोर वाले पटाखे नहीं खरीदते बल्कि वे हवा में जाकर फूटने या रोशनी बिखरने वाले पटाखों की मांग करते हैं।












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