'मान से ज्यादा प्रेम जरूरी', Karwa Chauth 2025 पर अपनाएं प्रेमानंद महाराज के ये मंत्र, स्वर्ग बन जाएगा जीवन
Premanand Maharaj on Karwa Chauth 2025 : करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, ये केवल एक उपवास नहीं है बल्कि ये महिलाओं का अपने पति के प्रति प्रेम, त्याग, सम्मान और समर्पण हैं, जिन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। ये व्रत पति-पत्नी के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
तो वहीं प्रेमानंद जी महाराज के विचार लोगों को जीवन में सकारात्मक रूप से आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।महाराज इन दिनों किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं। अपनी दोनों किडनी के नाम उन्होंने राधा-कृष्ण रखा हुआ है, इस वक्त ठीक से काम नहीं कर रही हैं।

लेकिन इसके बावजूद महाराज अपने भक्तों से दूर नहीं हैं। उन्होंने अपने प्रवचन में एक बड़ी ही सुंदर बात कही, जिसे पति-पत्नी और हर रिलेशन में लोगों को अपनाना चाहिए, जो कोई भी इसे समझेगा वो हमेशा खुश रहेगा।
सम्मान और प्रेम में से किसे चुनना चाहिए? (Premanand Maharaj)
दरअसल उनसे किसी ने पूछा था कि सम्मान और प्रेम में से किसे चुनना चाहिए? जिस पर प्रेमानंद महाराज ने मुस्कुराते हुए कहा था प्रेम। उन्होंने हमेशा कहा कि हमें हमेशा प्रेम को प्राथमिकता देनी चाहिए, जब आप किसी से प्यार करते हैं तो उसके लिए खुद बा खुद मन में सम्मान, परवाह पैदा हो जाता है, उसे बताने या जताने की जरूरत नहीं होती है, दुनिया की हर लड़ाई प्रेम से जीती जा सकती है और हर रिश्ते का आधार भी प्रेम ही होता है, चाहे वो आपका ईश्वर के प्रति हो, परिवार के प्रति हो, काम के प्रति हो या किसी खास के प्रति।

सम्मान बहुत गलत चीज: Premanand Maharaj
'जबकि सम्मान बहुत गलत चीज है। ये केवल एक बाहरी दिखावा मात्र है जो कि व्यक्ति के अंदर घमंड पैदा करता है, उसे क्रोधी बनाता है और अहंकार को जन्म देता है जबकि प्रेम एक ऐसी भावना है जो दिल को शांत और जीवन को खुशहाल बनाती है। प्रेम से रिश्ते मजबूत होते हैं और जीवन में संतोष और शांति बनी रहती है और इंसान खुश रहता है।'
Karwa Chauth 2025 आप भी अपनी पत्नी के त्याग को समझें
तो इस करवा चौथ आप भी अपनी पत्नी के त्याग और समर्पण को समझें और दिल की गहराईयों से उसके प्रेम को अपनाएं, ये आपके रिश्ते को वो सबकुछ प्रदान करेगा, जिसकी आपकी अभिलाषा है। आपको बता दें कि प्रेमानंद महाराज बीते 19 वर्षों से बीमारी से जूझ रहे हैं। प्रेमानंद महाराज का जन्म कानपुर में हुआ था और उनका असली नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे है।












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