Jaya Ekadashi 2024 : आज जरूर करें ये आरती, घर भर जाएगा पैसों से, होगी यश की वृद्धि

Jaya Ekadashi 2024 (आरती): माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहते हैं, ये पावन पर्व आज है इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। ऐसा करने से इंसान के सुख और वैभव की वृद्धि होती है।

Jaya Ekadashi 2024

आज के दिन वैस विष्णु जी की पूजा विशेष आरती के साथ करनी चाहिए और उनके साथ उनकी प्राण प्रिया मां लक्ष्मी की आरती करें तो इंसान को दोहरे फल की प्राप्ति होती है।

आज के दिन मां लक्ष्मी की पूजा हल्दी-कुमकुम से करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है और भगवान विष्णु जी को पीली चीज का भोग लगाने से इंसान को घर में पैसा बरसता है। यहां पढ़ें भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आरती।

भगवान विष्णु की आरती ( Lord Vishnu Aarti)

  • ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे।
  • भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का।
  • स्वामी दुःख विनसे मन का।
  • सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
  • स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी।
  • तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी।
  • स्वामी तुम अन्तर्यामी।
  • पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता।
  • स्वामी तुम पालन-कर्ता।
  • मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
  • स्वामी सबके प्राणपति।
  • किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
  • स्वामी तुम ठाकुर मेरे।
  • अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा।
  • स्वमी पाप हरो देवा।
  • श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, सन्तन की सेवा॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।
  • श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे।
  • स्वामी जो कोई नर गावे।
  • कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
  • ॐ जय जगदीश हरे।

मां लक्ष्मी की आरती ( Maa Laxmi Aarti)

  • ओम जय लक्ष्मी माता,
  • मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत,
  • हरि विष्णु विधाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥
  • उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता, मैय्या तुम ही जग माता।
  • सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
  • ओम जय लक्ष्मी माता॥ पूरी आरचती पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें- लक्ष्मी मां की आरती

डिसक्लेमर- यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले कृपया किसी जानकार ज्योतिष या पंडित की राय जरूर लें।

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