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Inspirational Story: हमेशा आंखों देखा सही नहीं होता है

By Pt. Gajendra Sharma
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नई दिल्ली। अक्सर बातचीत के दौरान आपने यह वाक्य सुना होगा - अरे! मैंने अपनी आंखों से देखा है यह सब होते हुए। इस वाक्य का अर्थ होता है कि जिसने आंखों देखा बताया है, उसकी बात गलत हो ही नहीं सकती। क्या यह बात सही है ? क्या सच में आंखों देखा कभी गलत नहीं हो सकता?, एक सुंदर कथा के माध्यम से जानते हैं।

 Inspirational Story: हमेशा आंखों देखा सही नहीं होता है

एक बार की बात है। रात का समय था। गांव में सभी लोग सो रहे थे कि अचानक चोर- चोर का शोर मचा। देखते ही देखते सारा गांव इकट्ठा हो गया। गांव के युवाओं ने दौड़कर 3 व्यक्तियों को पकड़ लिया, जो तेज़ी से भागते दिखाई पड़ रहे थे। तीनों को पकड़कर तुरंत ही सरपंच के सामने लाया गया।सरपंच ने पूछा- तुम तीनों में से चोर कौन है? तीनों ने ही एक सिरे से मना कर दिया। सरपंच ने कहा- फिर तुम लोग भाग क्यों रहे थे? तीसरे व्यक्ति ने कहा- मैंने इस दूसरे वाले को भागते देखा और चोर- चोर की आवाज़ सुनाई दी तो मैं इसे पकड़ने दौड़ा। दूसरे व्यक्ति ने भी यही बात कही कि वह पहले वाले को पकड़ने दौड़ा।

क्या चुराया तुमने?

अब सरपंच ने पहले व्यक्ति से कहा कि निश्चित रूप से तुम ही चोर हो। क्या चुराया तुमने? वह व्यक्ति बोला, मैंने कुछ नहीं चुराया। मैं चोर नहीं हूँ। सरपंच ने कहा- फिर तुम क्यों भाग रहे थे? उसने कहा- सरपंच जी! मैंने एक बिल्ली को मुंह में पोटली दबाए भागते हुए देखा। मुझे लगा कि एक बार देखना चाहिए कि क्या ले जा रही है, तो मैं उसे पकड़ने दौड़ा। इसके बाद चोर- चोर की आवाज़ आने लगी, सब दौड़ रहे थे तो मैं भी दौड़ता चला गया।

सरपंच ने कहा- इनमें से कौन सच बोल रहा है

उसकी बात सुनकर सरपंच ने कहा- इनमें से कौन सच बोल रहा है, इसका पता तो अब वह बिल्ली ही बता सकती है। तुरंत ही उस बिल्ली को पकड़ो। थोड़ी देर की मेहनत के बाद बिल्ली और पोटली दोनो बरामद हो गए। सरपंच ने पोटली खोलकर देखी, तो उसमें वाकई गहने रखे थे। जिस महिला ने सबसे पहले चोर- चोर का शोर मचाया था, गहने उसी के थे। उसने बिल्ली को नहीं देखा था, पर पोटली गायब देख हल्ला मचा दिया था। इस तरह तीन व्यक्ति चोरी के आरोपी माने गए, पर चोर तो वह बिल्ली निकली।।

शिक्षा

तो देखा दोस्तों, कई बार सत्य वह नहीं होता, जो हमें आंखों से दिखाई देता है। कभी, किसी परिस्थिति में सत्य ऐसे रूप में भी सामने आ सकता है, जो हमारी कल्पना से परे हो। तो आंखों के साथ- साथ दिमाग भी खुला रखें, ताकि सत्य को पहचाना, पाया जा सके।

यह पढ़ें: Inspirational Story: कैसे जाना जाए कि ईश्वर है या नहीं?

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English summary
What we see is not always true, here is Inspirational Story.
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